14 सीटों पर प्रत्याशी घोषित न होने से नेतृत्व पर सवाल

14 सीटों पर प्रत्याशी घोषित न होने से नेतृत्व पर सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले पंद्रह साल से भाजपा सत्ता में है, लेकिन उसकी आधी लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने में पार्टी को पसीना आ रहा है। इनमें से अधिकांश सीटें वह है जो लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही हैं। इन सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा में पिछड़ने से भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा का भाव झलक रहा है। ऐसे में संगठन और उसके नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके विपरीत कांगे्रस में बैठकों का दौर तक शुरू हो गया है। भोपाल से कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने बुधवार को पीसीसी में बैठक लेकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का मंत्र दे दिया है। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व समय-समय पर प्रदेश संगठन की सराहना करता रहा है, लेकिन 14 सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर सहमति न बन पाने से यह धारणा भी टूटती नजर आई। भोपाल और इंदौर सीट ढाई से तीन दशक तक भाजपा के कब्जे में रही। इस पर उम्मीदवार पर सहमति नहीं बन पा रही है। अन्य सीटें भी इसी स्थिति से गुजर रही है। इधर, कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया कहते हैं कि भाजपा ने जोश-जोश में अपनी पहली सूची में 5 मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए हैं। अब उसे अन्य सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। कार्यकर्ता निराश है और वे चुनाव से दूर भाग रहे हैं। इधर भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल कहते हैं भाजपा ने सत्ता में रहने के बाद संगठन को मजबूत किया है। हम तो 15 उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं, लेकिन कांग्रेस तो अभी भी हमसे पिछड़ी हुई है।

ताई की पसंद का होगा इंदौर का उम्मीदवार : राकेश सिंह

प्रदेश की शेष 14 सीटों पर नए सिरे से नाम भेजने के लिए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत के बीच लंबी चर्चा हुई है। इस दौरान एक-एक सीट पर दावेदारों को लेकर चिंतन हुआ। इधर, प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा है कि सुमित्रा महाजन की सहमति से इंदौर के बारे कोई फैसला किया जाएगा। यानी इंदौर में जो भी उम्मीदवार होगा, वह ताई की पसंद का होगा। वैसे प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा और चुनावी तैयारियों को लेकर भाजपा नेताओं की बैठक बुधवार को संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी की अगुवाई में होना था। लेकिन अपरिहार्य कारणों से जोशी को बड़ोदरा रवाना होना पड़ा, जिसके कारण यह बैठक टल गई। इस बैठक की जगह प्रदेश भाजपा के तीनों वरिष्ठ नेताओं की बैठक प्रदेश कार्यालय में हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में एक-एक सीटों पर दावेदारों के नाम पर सहमति बनाने के प्रयास किए गए। मालूम हो कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा संगठन को इन सीटों पर नए सिरे से सर्वसम्मति वाले नाम भेजने के लिए कहा था। सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी। इसमें 14 सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर चर्चा होगी। देर रात तक उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे।