प्रज्ञा को अपने बयानों पर पछतावा, अब 21 प्रहर का मौनव्रत

प्रज्ञा को अपने बयानों पर पछतावा, अब 21 प्रहर का मौनव्रत

भोपाल ।’   अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाली राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने के बाद उस पर यू टर्न लेने वाली भोपाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह को अब अपने विवादास्पद बयानों पर पछतावा है। अब उन्होंने 21 प्रहर का मौनव्रत रखा है। यह जानकारी उन्होंने अपने अधिकृत ट्वीटर एकाउंट पर दी है। साध्वी ने ट्वीट कर लिखा है- चुनावी प्रक्रियाओं के उपरांत अब समय है चिंतत मनन का, इस दौरान मेरे शब्दों से समस्त देशभक्तों को यदि ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अंतर्गत प्रायश्चित हेतु 21 प्रहर के मौन और कठोर तपस्यारत हो रही हूं.. हरी ऊं...'।' असल में साध्वी प्रज्ञा अपने विवादित बयानों से पूरे समय सुर्खियों में रही। लोकसभा चुनाव के दौरान साध्वी के विवादित बयानों ने जमकर बवाल मचाया। कभी शहीद हेमंत तो कभी बाबरी मस्जिद को लेकर। इसे लेकर कांग्रेस ने भी साध्वी का जमकर घेराव किया और आयोग से शिकायत कर दी। आयोग द्वारा भी नोटिस पर नोटिस भेजे गए और प्रचार पर रोक लगा दी गई, लेकिन जब नाथूराम को लेकर साध्वी का बयान आया, तो राजनीति में भूचाल ही आ गया। पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी नाराज हो गए।

मौनव्रत घड़ियाली आंसू : ओझा प्रज्ञा ठाकुर के मौनव्रत रखने के ऐलान पर कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझाने कहा कि ‘प्रज्ञा का मौनव्रत केवल घड़ियाली आंसू है। यह एक ऐसा दिखावा है जिस पर प्रदेश और देश की जनता विश्वास न हीं करती। प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहकर गांधीजी की आत्मा को चोट पहुंचाई है।’