खाद्य सामग्रियों की मिलावट मामले में आई रिपोर्ट, 117 दोषी आठ लाख रुपए जुर्माना ठोंका

खाद्य सामग्रियों की मिलावट मामले में आई रिपोर्ट, 117 दोषी आठ लाख रुपए जुर्माना ठोंका
प्रतीकात्मक चित्र

इंदौर रक्षाबंधन, दशहरा तथा दीपावली त्योहार से पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी खाद्य सामग्रियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत खाद्य अपमिश्रण करने पर 117 दोषियों पर कार्रवाई करते हुए उन पर 8 लाख रुपए जुर्माना ठोंका गया। उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन मनीष स्वामी ने बताया कि वर्ष 2019 से आज दिनांक तक खाद्य औषधि प्रशासन लारा खाद्य पदार्थों के कुल 564 नमूने लिए गए, जिनमें से 95 नमूने फेल पाए गए जबकि 117 प्रकरण न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में दर्ज किए गए, जिसमें 8 लाख 22 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिनमें से 3 लाख 85 हजार रुपए की वसूली की गई। इंदौर स्थित तलावली चांदा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच प्रयोगशाला का निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ होने वाला है, जिससे खाद्य पदार्थों की जांच जल्दी हो सकेगी।

56 दुकान देश का दूसरे नंबर का क्लीन स्ट्रीट फूड हब

स्वामी ने बताया कि देशभर में दूसरे नंबर पर सबसे स्वच्छ दुकानें और सबसे हेल्दी खाना इंदौर की 56 दुकानों पर मिल रहा है। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इन दुकानों को 'क्लीन स्ट्रीट फूड हब' घोषित किया है। इससे पहले अहमदाबाद की कांकरिया झील को अक्टूबर 2018 में देश का पहला 'क्लीन स्ट्रीट फूड हब' का अवार्ड मिला था। इंदौर को यह अवार्ड इस आधार पर दिया गया है कि यहां मिलने वाली सभी खाद्य सामग्री साफस्व च्छ व हेल्दी हैं। दुकानों के संचालक व कर्मचारियों को मेडिकल सर्टिफिकेट दिया गया है। इसके अंतर्गत उनके नाखून कटे हों व खाना दस्ताने पहनकर परोसा जाए। खाने में बाल न गिरे, इसलिए सिर पर कैप और कपड़े भी साफ पहनने पड़ते हैं। इन दुकानों पर फूड एंड सेμटी की गाइड लाइन का बोर्ड भी लगा हुआ है।