बूंद-बूंद पानी को तरस रहे दलित बस्ती के रहवासी, ऊंचाई पर नहीं जाता पानी

बूंद-बूंद पानी को तरस रहे दलित बस्ती के रहवासी, ऊंचाई पर नहीं जाता पानी

जबलपुर। समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कहने वाली प्रदेश से लेकर नगर सरकार तक रानी अवंती बाई वार्ड के दुर्गा नगर भटौली के पास हरिजन बस्ती तक पानी नहीं पहुंचा पा रही है। कहने को यहां पाइप लाइन तो पूरी बिछी है मगर इसमें से बूंद -बूंद पानी के लिए बस्ती वासी तरसते हैं। सुबह हो या रात यहां के रहवासी पानी की जद्दोजहद में ही समय बिताते हैं,और दूर-दूर से पानी ढोकर लाते हैं। रानी अवंती बाई वार्ड में 16 हजार मतदाता हैं और यहां की आबादी करीब 25 हजार है। यह वार्ड काफी विस्तृत क्षेत्र में है। यहां के एक हिस्से में तो खंदारी के कटिया घाट से पानी मिलता है और बाकी पूरे वार्ड में बोर व हैण्ड पंप पानी के लिए सहारा हैं। शहर के अन्य हिस्सों की तरह यहां पर भी जलस्तर नीचे जाने से बोर से पानी कम मिल रहा है और हैण्ड पंप तो प्राय: खराब ही हैं।

ये हैं पेयजल के साधन

वार्ड में एक हिस्से में तो खंदारी के कटिया घाट से पानी मिलता है। बाकी पूरा वार्ड बोर के सहारे है जिनका जलस्तर नीचे जाने से पानी की आपूर्ति कम हो गई है। वार्ड में 18 बोर हैं। वहीं 50 से अधिक हैण्ड पंप हैं। ननि ने इस क्षेत्र के लिए एक ट्रेक्टर टैंकर स्थाई रूप से दिया हुआ है और एक टैंकर खुद पार्षद का निजी है जिसे वे जनसेवा में लगाए रहते हैं। इतने अधिक संसाधनों के बावजूद क्षेत्रों में पानी की कमी होना आश्चर्य के साथ विडंबना का विषय भी है।

गड्ढों से लेते हैं पानी

ऊंचाई पर बसे लोग हों या अन्य जगह पाइप लाइन से पानी मिल सके इसके लिए 3 से 5 फीट के गड्ढे खोद रखे हैं जिससे उन्हें थोड़ा -बहुत पानी मिल सके। इन गड्ढों में घुसकर वे पाइप लाइन के नीचे से पानी निकालते हैं। हरिजन बस्ती में एक तो पानी कम मिलता है ऊपर से गेरू जैसे रंग का पीला पानी आता है। इसपानी को वे निस्तार के काम में लेते हैं। लोगों का कहना रहा कि साफ पानी देने का दावा हमारे वार्ड में आकर देख सकते है।

यहां है जलसंकट

तिलहरी पहाड़ी क्षेत्र,कटिया घाट पहाड़ी क्षेत्र, परसवाड़ा जमतरा क्षेत्र में ऊंचाई पर बसे लोगों के लिए पानी का बहुत संकट है। इसी प्रकार भटौली दुर्गा नगर में हरिजन बस्ती में भी पेयजल का संकट है। यह बस्ती पहले पंचायत में थी तो पानी की कमी नहीं थी,जब से नगर निगम सीमांतर्गत हुई है इसके बाद से लोगों की परेशानियां कम होने की बजाय बढ़ी हैं।