प्रदेश में नदियां आई उफान पर, 28 बड़े बांधों में से 20 के गेट खुले

प्रदेश में नदियां आई उफान पर, 28 बड़े बांधों में से 20 के गेट खुले

भोपाल ।  समूचा मध्यप्रदेश पानी से तरबतर हो रहा है। जलसंसाधन विभाग के अनुसार प्रदेश के 28 बड़े बांधों में से 20 के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जबलपुर में बरगी बांध के 21 में से 16 गेट खोलकर प्रति सेकंड 2418 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार इटारसी में तवा बांध के गेट खोलकर भी पानी नर्मदा में छोड़ा जा रहा है। इससे नर्मदा में जलस्तर के बढ़ने के मद्देनजर नदी के किनारे बसे लोगों को (मंडला, होशंगाबाद, रायसेन, खंडवा, खरगोन आदि) जिला प्रशासन ने सतर्क रहने की मुनादी करा दी है। मंदसौर जिले में चंबल नदी पर निर्मित सबसे बड़ा बांध गांधीसागर का जलस्तर 398.60 मीटर हो गया। गांधीसागर की पूर्ण भराव क्षमता 399.90 मीटर है। मौसम विज्ञान भोपाल केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक उदय सरवटे ने बताया कि उत्तर पश्चिम ओड़िशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बना है तथा द्रोणिका (मानसून ट्रफ) गुना से पूरे प्रदेश को पार करती हुई जा रही है। इससे प्रदेश के कई स्थानों में रात्रि में अच्छी वर्षा हो सकती है। प्रदेश में रविवार को सागर में 55 मिमी, रतलाम में 32, मलाजखंड में 28 मिमी ग्वालियर में 25 मिमी, खजुराहो 22 मिमी, नरसिंहपुर एवं बैतूल में 19 मिमी, खंडवा में 17 मिमी, जबलपुर में 15 मिली दर्ज हुई है।

तीन दिन बारिश के बाद तवा 13 गेट खोले

इटारसी। पानी के लिए तमाम पूजा- अर्चना, नमाज और प्रार्थना का असर ये रहा कि नर्मदांचल पर इस बार इंद्रदेव की नजरें इनायत हो गई । अब तक सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। वहीं, इटारसी और आसपास के पहाड़ी इलाके में पिछले 3 दिनों से हो रही बरसात के बाद आलम यह है कि सभी नदी-नाले उफÞान पर हैं। वहीं, जिले के सबसे बड़े बांध तवा में लगातार तीसरी बार गेट खोल कर जमा पानी को छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार को तवा बांध के सभी गेट खोले गए। वही रविवार को भी सुबह अचानक सभी 13 गेट को 7-7 फीट तक खोलना पड़ा। वजह कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश का होना है। वहीं, दूसरे दिन 11 बजे के बाद मौसम खुल गया और पर्यटकों की भीड़ यहां उमड़ पड़ी, जिसके चलते तवानगर मार्ग पर लम्बा जाम लग गया। हालांकि, जो पर्यटक बांध स्थल तक पहुंच गए उन्होंने जमकर आनंद उठाया।

पार्वती नदी पर स्थित पुल पर पानी होने से श्योपुरकोटा मार्ग प्रभावित

श्योपुर। श्योपुर को राजस्थान के कोटा से जोड़ने वाला मार्ग पार्वती नदी के पुल पर पानी चढ़ने से ठप्प हो गया है। मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को श्योपुर में 45 मिलीमीटर और बड़ौदा में 38 मिलीमीटर बरसात होने से ग्रामीण क्षेत्र तरबतर रहे। मौसम केन्द्र ने बताया कि अगले दो दिन बारिस जारी रहेगी। श्योपुर-कोटा मार्ग आज सुबह से ही पार्वती नदी के पुल पर 6 फीट पानी होने के चलते बंद है। इससे पुल के दोनों तरफ बड़े और निजी वाहन तथा यात्री बसें रुकी हुई है।

ताप्ती पर बने पारसडोह और चंदोरा के 6 गेट खुले

बैतूल। ताप्ती नदी पर बने पारसडोह बांध के छह गेट खोल दिए हैं इससे 375 क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकंड ताप्ती नदी में छोड़ा जा रहा है। जानकारी अनुसार निर्धारित मात्रा से अधिक जल भराव के कारण मुलताई डिवीजन के सिचाई विभाग ने रविवार की सुबह से डेम के छह गेट खोल दिए है। वहीं ताप्ती नदी पर बने चंदोरा बांध के भी 6 गेट खोलकर 50 क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकेंड ताप्ती नदी में छोड़ा जा रहा। मुलताई डिवीजन के सब इंजीनियर सीबी पाठेकर ने बताया कि तेज बारिश के चलते बांध में अधिक जल भराव हो गया है इसलिए पानी की निकासी की जा रही है।

जबलपुरजयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को बारना ने रोका

रायसेन। रायसेन जिले में बारना नदी के पुल पर 3 फीट पानी बहने से जबलपुर जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 12 रायसेन के पास बाधित हो गया है। जबलपुर में बरगी बांध के गेट खोलने से नर्मदा नदी के बेक बाटर से बारना नदी में पानी आ गया है। जिले की उदयपुरा तथा बरेली तहसील में नर्मदा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने भी नर्मदा के तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। बेतवा नदी भी उफान पर है, जिससे रायसेन का साँची विदिशा सड़क सम्पर्क ठप है।