अतिसाहसी और कठोर लोग दुखी होकर नष्ट हो जाते हैं

अतिसाहसी और कठोर लोग दुखी होकर नष्ट हो जाते हैं

भोपाल ।   तथागत बुद्ध के अनन्य जन्मों के साथ जुड़ी जातक कथाओं का संसार विहंगम है। वे इनके माध्यम से आदिकाल से मनुष्य के लिए कोई न कोई सीख, कोई न कोई प्रेरणा देते है। पिछले तीन दिन से यह संदेश यशोधरा बुद्ध उत्सव के माध्यम से जनजातीय संग्रहालय में दर्शकों को दिया जा रहा था। सोमवार को जनजातीय संग्रहालय में इस कार्यक्रम का समापन नृत्य नाटिका 'वृत्ति नाशक' की प्रस्तुति के साथ हुआ। मनुष्य जीवन की निष्फलता के पीछे कितने कारण, कैसी स्थितियां, कैसा स्वभाव उत्तरदायी है, इसका नैतिक बोध मनुष्य को कभी नहीं होता। यदि होता तो अपना जीवन संवारने के लिए महापुरूषों का जीवन, उनकी वाणी, उनके आचरण को नजरअंदाज न करता। ऐसा ही इस प्रस्तुति में दिखाया गया। इस प्रस्तुति में जंगल का दृश्य दिखाया गया। कुछ कलाकारों ने जंगली जानवरों के मुखौटे तो कई सारे कलाकारों ने बंदर का रूप धरा।