गांवों तक भी पहुंचेगी संजीवनी क्लीनिक की सौगात

गांवों तक भी पहुंचेगी संजीवनी क्लीनिक की सौगात
तुलसी सिलावट, स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट का ड्रीम प्रोजेक्ट
मप्र में कांग्रेस सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस दौरान मुख्यमंत्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इन्हीं में से एक स्वास्थ्य क्षेत्र है, जहां मंत्री तुलसी सिलावट के कई ऐसे नवाचार और निर्णयों ने लोगों के सेहत और स्वास्थ्य को प्रभावित करने का काम किया है। मंत्री सिलावट ने पीपुल्स समाचार एक साल के कामकाज पर विस्तृत चर्चा की। 
पेश है कुछ अंश
सवाल - राज्य में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए क्या योजना है? 
जवाब- सरकार जनता को अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह काम बिना डॉक्टरों की कमी को पूरा किए बिना नहीं हो सकता। प्रदेश में 70 फीसदी डॉक्टरों की कमी है। सरकार इसके लिए विभिन्न विभागों से भर्ती करने जा रही है। एनएचएम से 700 डॉक्टरों की भर्ती, पीएचयू से 547, सीधे भर्ती से 120 डॉक्टर, बॉन्ड के माध्यम से 1002, एनएम से 2019, पैरामेडिकल से 88 डॉक्टरों की भर्ती शीघ्र होगी। स्टाफ नर्स में 1033 की भर्ती हो गई है और 760 की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। 
सवाल- शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के लिए प्रेरणा कहां से मिली?
जवाब - मैंने बहुत से डॉक्टरों से बात की तो पता चला कि कैंसर की जड़ अशुद्ध खाद्य पदार्थ हैं। हमने सभी वरिष्ठ अधिकारियों की साथ बैठक की और कहा इसे सबसे पहली स्टेज पर यानी मिलावट को ही रोकना है।  राज्य के लोगों शुद्ध खान-पान मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री कमल नाथ के नेतृत्व में सरकार प्रतिबद्ध है।  ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान चलाया गया है। 6 महीनों में 42 लोगों पर रासुका की कार्रवाई हो चुकी है और 106 लोगों पर केस दर्ज किए हैं।   मिलावटखोर प्रदेश छोड़ें या जेल जाने के लिए तैयार रहें।  
सवाल - भोपाल में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला है, बाकी जगहों पर कब शुरुआत होगी?
जवाब- प्रदेश सरकार ने इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला का भूमिपूजन कर दिया है। लगभग 58 करोड़ में तीनों लैब एक साल के भीतर तैयार हो जाएगी। जल्द ही सागर और उज्जैन में भी प्रयोगशाला का काम शुरू होगा।  
सवाल - संजीवनी क्लीनिक को लेकर क्या योजनाएं हैं?
जवाब- संजीवनी क्लीनिक को  गांव तक ले जाने का सपना है।  इनमें इंदौर में  29  भोपाल में 28, जबलपुर में 10,ग्वालियर और उज्जैन में 6-6, सागर में 5 ,रीवा में 4 संजीवनी क्लीनिक खोले जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।  इनमें एक डॉक्टर,एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन होगा। इन क्लीनिकों में 120 प्रकार की दवा और 67 प्रकार की जांचें नि:शुल्क होंगी।
सवाल - अपनी आगामी योजनाओं के बारे में बताएं?
जवाब - राज्य सरकार की प्रतिबद्धता हर व्यक्ति तक लोक स्वास्थ्य पहुंचाने की है।  एक अप्रैल 2020 से 15 लाख 55 हजार कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। सरकारी अस्पतालों में आरओ का पानी मरीज को मिले, यह व्यवस्था भी की जा रही है। डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों से बातचीत की गई है।