महा ड्रामे के बीच बदले ट्विटर ‘बायो’ से चर्चा में रहे सिंधिया

महा ड्रामे के बीच बदले ट्विटर ‘बायो’ से चर्चा में रहे सिंधिया

भोपाल कांग्रेस के वारिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की ट्विटर पर प्रोफाइल में बदलाव को लेकर सोमवार को भोपाल से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा रहा। इस बीच, उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और भाजपा में जाने की अटकलें भी जमकर वायरल हुई। सत्तापक्ष और विपक्ष में बयानबाजी का दौर तेजी से चला। हालांकि दोपहर को सिंधिया ने सफाई दी कि उन्होंने एक महीने पहले ट्विटर प्रोफाइल में बदलाव किया था। प्रोफाइल में बदलाव और भाजपा में जाने की खबरों को भी निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ‘बायो’ छोटा किया जाना चाहिए। इस बदलाव पर भाजपा नेताओं ने माहौल गरमा दिया। कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर अकाउंट से अपना ‘कांग्रेसी परिचय’ हटा दिया है। अपने नए बायो में उन्होंने खुद को सिर्फ जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी बताया है। इससे पूर्व सिंधिया ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर अपना पद कांग्रेस महासचिव 2002-2019 लिखा था। ट्विटर से प्रोफाइल हटने पर इसे सिंधिया की पार्टी से चल रही नाराजगी से जोड़कर देखा जाने लगा। भाजपा से बयान आया कि सिंधिया ने अपने आप को कांग्रेस से अलग कर लिया है। इस बीच सिंधिया समर्थक इमरती देवी समेत अन्य मंत्रियों ने अपने ट्विटर एकाउंट की प्रोफाइल में बदलाव कर दिया। वहीं, एक अन्य मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया ने खुद की प्रोफाइल में बदलाव से इनकार किया।

इसलिए नाराज माने जा रहे ज्योतिरादित्य

सिंधिया की लंबे समय से पार्टी से चल रही नाराजगी को ट्विटर प्रोफाइल बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बीते दिनों उनके भाजपा में जाने की अटकलें भी जोरों पर रहीं हालांकि उन्होंने इस बात का खंडन कर दिया। सिंधिया के बेटे महाआर्यमन ने भी सिंधिया का एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद कांग्रेस में उथल-पुथल मच गई थी। इसके बाद सिंधिया को महाराष्ट्र - हरियाणा की जिम्मेदारी देकर विवाद को दूसरी दिशा दी गई।

हमेशा भाजपा के दरवाजे खुले हैं

ताजा विवाद को लेकर भाजपा नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। इस मामले पर बोलते हुए केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री व मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया एक राजघराने के व्यक्ति हैं और वे अपने नियम-कायदों के मुताबिक रहते हैं। भाजपा के दरवाजे हमेशा से ही सब के लिए खुले हैं। सामान्य तौर से समाज में कार्य करते हैं, उनके काम करने का अपना अलग तरीका है। भाजपा में हर किसी के लिए दरवाजे खुले हुए हैं।