शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 166 अंक और मजबूत

शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 166 अंक और मजबूत

मुंबई । शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला कायम रहा। सकारात्मक वैश्विक रुख के बीच बैंक, धातु और ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 166 अंक और मजबूत हुआ। वैश्विक व्यापार युद्ध को लेकर चिंता कम होने से भी धारणा को बल मिला। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 165.94 अंक या 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 39,950.46 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 42.90 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,965.60 अंक पर बंद हुआ। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च, 2019 के अंत तक प्रणाली में गैर निष्पादित आस्तियांर् एनपीएी घटकर 9.3 प्रतिशत पर आ गई हैं। यह रिजर्व बैंक के अनुमान से भी अधिक तेजी से घटी हैं। पिछले साल समान अवधि में एनपीए 11.5 प्रतिशत पर था। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन बेंचमार्क सेंसेक्स से बेहतर रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स, ओएनजीसी, यस बैंक, इंडसइंड बैंक और वेदांता के शेयर 2.71 प्रतिशत तक चढ़ गए। इसके अलावा एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, एसबीआई, हीरो मोटोकॉर्प, टीसीएस, बजाज फाइनेंस और रिलायंस के शेयर भी लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर सनफार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा , एलएंडटी, कोल इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर में तीन प्रतिशत तक की गिरावट आई। सेंसेक्स के शेयरों में 23 लाभ में रहे जबकि सात में नुकसान रहा। अमेरिका द्वारा मेक्सिको पर शुल्क लगाने की योजना को टाले जाने के बाद वैश्विक स्तर पर निवेशकों को राहत मिली है। इसके अलावा यह उम्मीद बनी है कि अमेरिका ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे भी बाजार की धारणा को बल मिला। एशियाई बाजारों में शंघाई कम्पोजिट 2.58 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 0.76 प्रतिशत, जापान का निक्की 0.33 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 0.59 प्रतिशत के लाभ में रहा। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी लाभ में चल रहे थे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘एनपीए का स्तर घटने से बैंंिकग शेयरों में सकारात्मक रुख रहा। हालांकि, व्यापक रूप से अभी बाजार असमंजस में है और उसके नए संकेतकों का इंतजार है।’’ अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे की बढ़त के साथ 69.44 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा मामूली टूटकर 62.24 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।