शिवाजी मार्केट टूटेगा, व्यापारियों को कॉम्प्लेक्स में करेंगे शिफ्ट 

शिवाजी मार्केट टूटेगा, व्यापारियों को कॉम्प्लेक्स में करेंगे शिफ्ट 

 नगर निगम पहले मराठी स्कूल में कॉम्प्लेक्स बनाएगा फिर तोड़ेगा दुकानें , नदी सुधार योजना के तहत किया जाना है कार्य 

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत निगम ने गोपाल मंदिर की दुकानों को हटाया था। उसी तरह निगम एमजी रोड स्थित शिवाजी मार्केट की दुकानों को हटाने की तैयारी कर रहा है। शिवाजी मार्केट में करीब 100 दुकानें हैं। निगम को इन दुकानदारों को हटाने में ज्यादा मशक्कत नहीं करना पड़ेगी, क्योंकि ये सभी दुकानें नगर निगम के मालिकाना हक की हैं। इन दुकानदारों के लिए निगम ने मराठी स्कूल में पूरा मार्केट तैयार कर रहा है। मार्केट बनने के बाद ही दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।   
नगर निगम मुख्यालय के सामने शिवाजी मार्केट को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा। इसमें 100 से ज्यादा दुकानों को तोड़ा जाएगा। इसकी प्लानिंग निगम ने शुरू कर दी है। मार्केट को तोड़ने से पहले दुकानदारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए नंदलालपुरा और मराठी स्कूल में बन रहे कॉम्प्लेक्स को चिह्नित किया गया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत रिवर फ्रंट डेवलपमेंट (नदी सुधार योजना) का कार्य किया जाना है, जिसके चलते शिवाजी मार्केट हटाना जरूरी हो गया है।  
रिवर फ्रंट डेवलपमेंटका कार्य होना है 
जानकारी के मुताबिक निगम प्रशासक व संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने पिछले दिनों बैठक में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के लिए निगम अफसरों ने प्लानिंग कर शिवाजी मार्केट को तोड़ने की बात रखी थी, ताकि तोड़फोड़ से पहले दुकानदारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सके। इस मामले में स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप सोनी का कहना है कि नदी किनारे बने शिवाजी मार्केट की दुकानों को तोड़ने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। दुकानदारों को कहां पर शिफ्ट करना है इसको लेकर निर्णय लिया जा चुका है। वर्तमान में शिवाजी मार्केट में 100 से ज्यादा दुकानें चल रही हैं। दुकानदारों की शिफ्टिंग के लिए अभी नंदलालपुरा मेनरोड पर बने मार्केट और एमजी रोड पर मराठी स्कूल की जगह बन रहे कला संकुल में कॉम्प्लेक्स को चिह्नित किया गया है। 
दुकानदारों को हटाने में नहीं आएगी परेशानी 
नगर निगम मुख्यालय के सामने सालों से संचालित हो रहे शिवाजी मार्केट को हटाने के लिए निगम को ज्यादा मशक्कत नहीं करना पड़ेगी। शिवाजी मार्केट में जिन व्यापारियों के पास दुकानें हैं, वे सभी दुकानें नगर निगम के स्वामित्व की हैं। जिन-जिन लोगों ने दुकानें निगम से ली हैं, उन्हें मराठी स्कूल में बन रहे कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया जाएगा। पहले मार्केट बनाया जाएगा। उसके बाद व्यापारियों को दुकान खाली करने के नोटिस दिए जाएंगे, ताकि शिवाजी मार्केट से हटते ही व्यापारी अपना कारोबार नए स्थान पर तत्काल शुरू कर सकें।  
100 से ज्यादा दुकानें हैं मार्केट में 

उन्होंने बताया कि तोड़फोड़ से पहले इन दुकानदारों को कॉम्प्लेक्स बनाकर शिफ्ट किया जाएगा। उसके बाद नदी किनारे से मार्केट को हटाया जाएगा। मालूम हो कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत निगम रामबाग पुल से कृष्णपुरा छत्री, जवाहर मार्ग और सीपी शेखर नगर बगीचे तक कान्ह नदी किनारे डेवलपमेंट का काम कर रहा है। इसके लिए नदी किनारे के बाधक निर्माण हटाए जा रहे हैं। रामबाग से कृष्णपुरा छत्री तक नदी किनारे डेवलपमेंट का काम लगभग पूरा हो गया है। इसलिए अब शिवाजी मार्केट को हटाने की प्लानिंग की गई है।