सरल बिजली बिल: नहीं हुआ एक लाख लोगों का निराकरण

सरल बिजली बिल: नहीं हुआ एक लाख लोगों का निराकरण

भोपाल।   प्रदेश की भाजपा सरकार बदलते ही सरल बिजली बिल योजना में लंबित एक लाख से अधिक लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। क्योंकि नहीं सरकार बनने के बाद इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू की गई है, जिसमें 100 यूनिट पर 100 रुपए बिजली का बिल आएगा, जबकि सरल योजना में 200 यूनिट पर 200 रुपए बिल आना था और इसके लिए लोगों ने पूर्व विद्युत वितरण कंपनी में आवेदन भी किए थे, लेकिन विस चुनाव की आचार संहिता लगने और सरकार के बदलते ही इनके आवदेनों का निराकरण नहीं किया गया है। अब नए सिरे आवेदनों पर विचार किया जाएगा और उसके बाद गरीबों के बिल निपटेंगे। राज्य सरकार ने प्रदेश में 25 फरवरी से इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू की है, जिसके तहत 100 यूनिट की बिजली खपत पर 100 रुपए का ही बिजली बिल पेमेंट करना होगा। नई योजना प्रारंभ होते ही भाजपा सरकार के समय शुरू की गई सरल बिजली बिल योजना बंद कर दी गई है, जिससे 73 हजार 537 गरीबों को इसका लाभ नहीं मिल सका। क्योंकि तत्कालीन समय में विधानसभा की चुनाव आचार संहिता लागू होते ही पेंडिंग आवेदन यथावत रह गए और उनका निराकरण नहीं किया गया। इसके बाद सरकार बदल गई, जिसने नई योजना लागू कर दी है।

पुरानी योजना के आवेदन पेंडिंग

पुरानी सरल बिजली बिल योजना के मंडला में 1161, डिंडौरी में मात्र 12, नरसिंहपुर के 142, सिवनी के 272, बालाघाट के 1337, छिंदवाड़ा के 1259, दमोह के 2687, पन्ना के 776, शहडोल के 978, उमरिया के 782, अनूपपुर के 698 आदवेन पेंडिंग रह गए है। अकेले पूर्व विद्युत वितरण कंपनी के 63 हजार 537 आवेदन पेंडिंग रह गए थे।