साहब, मेरा बेटा निगरानी बदमाश है, वह नशे की गोलियां खाकर घर आता है और परेशान करता है, उससे हमें बचाएं

साहब, मेरा बेटा निगरानी बदमाश है, वह नशे की गोलियां खाकर घर आता है और परेशान करता है, उससे हमें बचाएं

भोपाल ।  साहब, मेरे सात बेटे और एक बेटी है। सबसे छोटा बेटा जाकिर (37) निगरानी बदमाश है। वह परिवार को परेशान कर रहा है। नशे की गोलियां खाकर घर आता है और गदर करता है। इसमें उसकी पत्नी भी सहयोग करती है। ऐसे बेटे से हमें बचाएं तथा सुरक्षा प्रदान करें। कलेक्टर जनसुनवाई में फकीरपुरा, मंगलवारा निवासी बुजुर्ग मुन्ने खां उर्फ छोटे खां (75) ने रोते हुए संयुक्त कलेक्टर शाश्वत सिंह मीणा को फरियाद सुनाई। उन्होंने बताया कि उसे समझाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं है। उसने मेरे दो बड़े बेटों पर भी झूठा केस लगवाकर उन्हें थाने में बंद करा दिया था। जाकिर काम-धंधा नहीं करता है और परिवार को धमकाता रहता है। संयुक्त कलेक्टर न जांच के लिए डीआईजी को प्रकरण भेजा है।

फर्जी दस्तावेज से पट्टे की भूमि पर बिल्डर कर रहे कब्जा

वहीं कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे ग्राम थुआखेड़ा पठार के 10 किसानों ने आवेदन देकर शिकायत की है कि उनकी 5-5 एकड़ जमीन में से कुछ पर बिल्डर हंसराज कामदार और सरदार सिंह कब्जा कर रहे हैं, जबकि ये जमीनें 1975 में इंदिरा गांधी के शासनकाल में उन्हें भरण- पोषण के लिए दी गई थी। खसरा रिकॉर्ड में यह जमीन अहस्तांतरणीय भी दर्ज है। किसनों का कहना था कि इसके बावजूद पटवारी और राजस्व विभाग के कर्मचारी बिल्डरों के साथ मिलीभगत कर शासकीय जमीनों की बिक्री होना दर्शा रहे हैं। किसानों का कहना था कि बिल्डर धमका रहे हैं। इस मामले की शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई में तीन बार की जा चुकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री से लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से की जा चुकी है। अब तक जांच नहीं की गई है। संयुक्त कलेक्टर ने डीआईजी व एसडीएम हुजूर को जांच के लिए प्रकरण भेज दिया है। जनसुनवाई में आए 65 शिकायती आवेदन: जनसुनवाई में कुल 65 शिकायती आवेदन आए। सुनवाई के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।