राज्य सरकार चाहती है व्यापार व उद्योग तरक्की करें: सिंघार

राज्य सरकार चाहती है व्यापार व उद्योग तरक्की करें: सिंघार

इंदौर ।   सरकार उद्योग-व्यापार जगत के लिए यदि गलत नीतियां बनाए तो उसके कान भी खींचिए। यदि उद्योग व्यवसाय जगत के समक्ष कोई समस्या या कोई नियम कानून की विसंगति हो तो एकजुट होकर संवाद स्थापित कीजिए। संवाद जरूरी है, क्योंकि सामाजिक एवं व्यावसायिक जीवन में आप सामूहिक प्रयास एवं परस्पर संवाद तथा संपर्क से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर आगे बढ़ सकते हैं। यह बात प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने कही। वे यहां एग्जॉटिका में आयोजित आल इंडिया आयल मिलर्स कॉन्क्लेव 2019 के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। यदि यह उद्योग फला-फूला तो सभी दूर खुशहाली आएगी। आप अपनी वजनदारी और आवाज बढ़ाएं। सरकार को राजस्व भी प्रदान करें। इस उद्योग में मार्जिन कम है। 70 प्रतिशत आॅइल का आयात होता है। देसी आइल मिलें अस्तित्व के संकट से जूझ रही हैं, इसलिए अधिकारियों से संवाद कीजिए। आपने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार भी चाहती है कि समस्त व्यापार-उद्योग तरक्की करें। मैं और सभी लोग आप की जायज मांगों के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। सांसद शंकर लालवानी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज भारत सहित संपूर्ण विश्व में मंदी का दौर है। अभी सरकार ने उद्योगों के लिए 1.45 लाख करोड़ का पैकेज दिया है। इससे उद्योग व्यवसाय की प्रगति होगी। आने वाले दिनों में यह होगा कि पूरे विश्व में सबसे कम टैक्स भारत में लगेगा और विश्व के उद्योग यहां स्थापित होंगे। इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। हम सभी नए भारत के निर्माण में सहभागी बनें। आपने कहा कि मेरा मत है कि खली पर टैक्स कम होना चाहिए।