जो थ्योरी किताब में पढ़ी थी उसे स्टूडेंट्स ने प्रैक्टिकली करके देखा

जो थ्योरी किताब में पढ़ी थी उसे स्टूडेंट्स ने प्रैक्टिकली करके देखा

भोपाल  रीजनल साइंस सेंटर में क्रिएटिव साइंस वर्कशॉप में इन दिनों बच्चे फिजिक्स क्लास में फिजिक्स के प्रिंसिपल से रूबरू हो रहे हैं। जिन प्रोजेक्ट को बच्चे टेक्स्ट बुक में पढ़ते हैं। उन्हें अपने सामने खुद प्रैक्टिकल करता देखकर वे खासे उत्साहित नजर आए। एजुकेशन आॅफिसर एमएम राउत के गाइडेंस में बच्चे फिजिक्स के प्रिंसिपल पिछले दिनों सीखे। यहां सेंटर आफ ग्रेविटी और मैग्नेटिक ब्रेक जैसे मॉडल्स बनाए गए। वर्कशॉप के अंत में बच्चों को सर्टिफिकेट साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर कृष्णेन्दु चौधरी ने दिए।

मैग्नेटिक ब्रेक बनाया

सेंट जोसेμस को-एड स्कूल में आठवीं क्लास में पढ़ने वाले कार्तिकेय वार्ष्णेय ने कहा कि मैंने मैग्नेटिक प्लेट, डीसी मोटर और मैग्नेट का उपयोग करके मैग्नेटिक ब्रेक बनाया है। मुझे इसे बनाने में खूब मजा आया और सर ने फिजिक्स के प्रिंसिपल भी बताए। जो मैं अब आगे भी इंप्लीमेंट करूंगा।

एक्सपीरियंस फन विद लर्न रहा

सेंट जोसेμस कॉन्वेंट की 8वीं क्लास में पढ़ने वाली कशिका यादव ने बताया कि सर से इंटरैक्शन किया और दूसरे बच्चों से काफी कुछ जानने और सीखने को मिला। एक तरह से यह एक्सपीरियंस फन विद लर्न रहा।'

प्रैक्टिकल करना रोचक रहा

बाल भवन स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली समृद्धि सक्सेना ने बताया कि जो थ्योरी हमने टेक्स्ट बुक में पढ़ी थी। जब प्रोजेक्ट में हमने इम्पलीमेंट किया तब अच्छे से समझ में आया। प्रैक्टिकल करना रोचक रहा। इस तरह की वर्कशॉप अटेंड करना लाभकारी रहा।