कियोस्क और कॉलेज के बीच भटकते रहे स्टूडेंट्स, नहीं हुआ आॅनलाइन वेरिफिकेशन

कियोस्क और कॉलेज के बीच भटकते रहे स्टूडेंट्स, नहीं हुआ आॅनलाइन वेरिफिकेशन

भोपाल ।  स्नातक (यूजी) कोर्सों में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन तो हुए, लेकिन दूसरे दिन भी एपी बोर्ड के स्टूडेंट्स का आॅनलाइन वेरिफिकेशन नहीं हो पाया। सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण कॉलेजों से भी खाली हाथ लौटना पड़ा। छात्र-छात्राओं ने बताया कि आॅनलाइन वेरिफिकेशन कर काउंसलिंग आसान करने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें कियोस्क और हेल्प सेंटरों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। शाम 6 बजे तक प्रदेश भर में लगभग 41,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके थे, लेकिन वेरिफिकेशन 4 हजार भी नहीं हो सके हैं। जब तक छात्रों के प्रमाण पत्रों का आॅनलाइन वेरिफिकेशन नहीं हो जाता है, वह एडमिशन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 1250 प्राइवेट व सरकारी कॉलेजों में एडमिशन के लिए सोमवार से रजिस्ट्रेशन शुरू हुए। लेकिन, एमपी आॅनलाइन द्वारा कराई जा रही काउंसलिंग में न डाटा अपडेट है और न सॉμटवेयर सही काम कर रहा है। जबकि पिछले साल तक एनआईसी के सॉμटवेयर द्वारा आॅनलाइन काउंसलिंग कराई जाती थी, जिसमें एक बार में दस्तावेजों का सत्यापन हो जाता था। लेकिन, इस बार हर दस्तावेज का अलग सत्यापन करना पड़ रहा है। वहीं इस बार हेल्प सेंटरों में हर प्रमाण-पत्र के लिए अलग आॅप्शन दिए जाने से वेरिफिकेशन का प्रोसेस लंबा हो गया है।

मोबाइल साथ रखें छात्र छात्र

द्वारा रजिस्ट्रेशन से लेकर करेक्शन और सत्यापन तक कुछ भी करने पर मोबाइल पर ओटीपी आता है, इसलिए छात्र के पास उस समय मोबाइल होना जरूरी है। अधिकांश छात्रों के पास स्कूलों में मोबाइल नहीं रहते हैं। यदि हैं, भी तो वे इस बात से अनभिज्ञ हैं, इसलिए मोबाइल अपने साथ नहीं लाते हैं।

एमपी बोर्ड के स्टूडेंट्स का कहीं नहीं हुआ वेरिफिकेशन

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एमपी बोर्ड के स्टूडेंट्स का 12वीं का डाटा लेकर उनका आॅनलाइन वेरिफिकेशन करने की घोषणा की गई थी। लेकिन 12वीं की मार्कशीट में डेट आॅफ बर्थ जैसा डेटा नहीं होने से आॅनलाइन वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में स्टूडेंट्स को हेल्पसेंटर जाना पड़ रहा है। लेकिन वे भी आॅनलाइन डेटा पर निर्भर हैं। जाहिर है एमपी बोर्ड के छात्र का आज पूरे दिन भटकते रहे। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को सॉμटवेयर में सुधार हो जाएगा, ताकि जो भी जरूरी चीजें हैं वो सत्यापित हो जाएं। कियोस्क सेंटरों व हेल्प सेंटरों में वेरिफिकेशन का आॅप्शन ही शो नहीं हो रहा।