सुषमा उम्र में मुझसे छोटी थीं, लेकिन बहुत कुछ सिखाया: मोदी

सुषमा उम्र में मुझसे छोटी थीं, लेकिन बहुत कुछ सिखाया: मोदी

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की याद में आयोजित शोक सभा में पीएम मोदी ने अपनी और सुषमा स्वराज की कुछ यादों का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि सुषमा स्वराज उम्र में उनसे छोटी थीं लेकिन उन्होंने उन्हें बहुत कुछ सिखाया हैं। उन्होंने कहा कि सुषमा जी के व्यक्तित्व के अनेक पहलू थे, जीवन के अनेक पड़ाव थे और भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में एक अनन्य निकट साथी के रूप में काम करते हुए, असंख्य घटनाओं के हम जीवंत साक्षी रहे हैं।

अपनी बात की पक्की थीं सुषमा स्वराज

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुषमा जी की जुबान में कभी-कभी पक्का हरियाणवी टच रहता था, बात को फटाक से कहना और उससे टस से मस न होना, उनकी विषेशता थी। जरूरत पड़ने पर कठोरतापूर्वक चीज को रखना, गलत निर्णय से पार्टी और साथियों को बचाने की जिम्मेदारी को निभाने के लिए कभी हरियाणवी भाषा का उपयोग करना पड़े तो उससे पीछे नहीं हटती थीं।

वसुधैव कुटुंबकम को किया सिद्ध

एक घटना का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इस बार जब सुषमाजी ने लोस चुनाव न लड़ने का फैसला किया, वैसा ही फैसला उन्होंने पहले भी किया था। मैं और वेंकैया उनके पास गए और उन्हें कर्नाटक से चुनाव लड़ने के लिए मनाया, उस चुनाव का परिणाम निश्चित था, लेकिन उन्हें चुनौतियों का सामना करना पसंद था। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम को विदेश मंत्रालय कैसे सिद्ध कर सकता है। उन्होंने विश्वभर में फैले भारतीय समुदाय के लोगों के माध्यम से ये करके दिखाया।

बेटी बांसुरी ने कहा, राजनीतिक विरोधियों को भी मित्र बना लेती थीं मेरी मां

सुषमा की बेटी बांसुरी ने रुंधे गले से मां को याद करते हुए कहा कि जीवन के भीषण संग्राम में भी मेरी मां संयमित, अनुशासित और मर्यादित थीं। बांसुरी ने कहा, संसद में होने वाले जोरदार टकराव के बाद भी मेरी मां राजनीतिक विरोधियों को मित्र बना लेती थीं। बांसुरी ने संकट की घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने के लिए मोदी का भी धन्यवाद किया।