कमिश्नर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर संशय बरकरार,पार्षद दो फाड़

कमिश्नर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर संशय बरकरार,पार्षद दो फाड़

ग्वालियर। निगमायुक्त संदीप माकिन के खिलाफ भाजपा पार्षदों द्वारा लाया जा रहा निंदा प्रस्ताव भाजपा के लिए गले की फांस बन गया है। सोमवार को भाजपा अपनी रणनीति का खुलासा करेगी। रविवार की दोपहर 12 से 1.30 बजे तक सभापति राकेश माहौर के घर पर 12 सदस्य सिर जोड़कर बैठे थे, लेकिन वे एकमत नहीं हो पाए। इसलिए तय हुआ है कि सोमवार को अभियाचित बैठक से ठीक पहले संगठन द्वारा क्या करना है और क्या नहीं, बता दिया जाएगा। वैसे भाजपा के अधिकांश पार्षद और संगठन के बीच तालमेल नहीं होने से भी निंदा प्रस्ताव पर संशय बरकरार हो गया है। निंदा प्रस्ताव पर होने वाली बहस को लेकर सभापति राकेश माहौर गंगाराम बघेले, सतीश सिकरवार, जय सिंह सौलंकी, सतीश बौहरे, निलिमा शिंदे, दिनेश दीक्षित, सुजीत भदौरिया, मेहताब कंषाना, पुरूषोत्तम टमोटिया, बलबीर सिंह तोमर सहित नरेन्द्र सिंह यादव सिर जोड़कर बैठे। लेकिन समिति सदस्यों के बीच राय एकमत नहीं हो सकी। निगमायुक्त के समर्थक पार्षदों के हावी होने के पहले ही अधिकांश पार्षदों ने अपनी राय देकर मौके से निकलने में भलाई समझी। इसके बाद सभापति ने भाजपा जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा से चर्चा कर प्रस्ताव के संबंध में मिले विचारों को लेकर अवगत करा दिया। सूत्रों की मानें तो समिति में प्रस्ताव विरोधी पार्षदों के हावी होने के बाद प्रस्ताव समर्थक अधिकांश पार्षदों ने अपने को किनारे कर लिया है। जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा द्वारा निंदा प्रस्ताव पर 51 पार्षदों से चर्चा की जा चुकी है। लेकिन इसमें से 46 पार्षद पूरी तरह से प्रस्ताव के समर्थन में है। फिर भी भाजपा संगठन ने मैनेज होते हुए व्हिप जारी करने से किनारा कर लिया है। 38 दिन बचे है परिषद कार्यकाल के निगम परिषद के अंदर वर्तमान में 7 बागियों को पार्टी सदस्यता देने के बाद भाजपा की 66 सदस्यों वाले सदन में संख्या 52 है और कांग्रेस के 10 सदस्य होने के अलावा 4 अन्य मौजूद हंै। जिनका कार्यकाल 10 जनवरी 2020 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद निगम चुनाव में देरी के फेरे में प्रशासक की नियुक्ति तय मानी जा रही है।

मंत्रीपूर्व मंत्री को न बताने का रोना शुरू

निंदा प्रस्ताव के फुस्स होने की मामले को रफा-दफा करने के फेरे में भाजपा के अधिकांश पार्षद पार्टी संगठन, जिले में निवासरत मंत्री-पूर्व मंत्री, सांसद को पहले से जानकारी न देने व तकनीकि रूप से विधिक राय लेने का हवाला देकर अपना पल्ला बचाते आ रहे है।

दोपहर 3 बजे बैठक, 1.30 बजे निर्देश जारी

पार्टी संगठन के नेता निंदा प्रस्ताव के संबंध में भले ही राय रविवार की दोपहर ले ली हो, लेकिन वे अपनी राय सोमवार की दोपहर 1.30 बजे संगठन गाइड लाइन अनुसार निर्देश जारी करेंगे। अह्म बात यह है कि दोपहर 3 बजे से निगम परिषद की बैठक शुरू हो जाएगी। जिसमें बहुमत के आधार पर निंदा प्रस्ताव का भविष्य तय होगा।