आलीशान बंगलों में रहने वाले चाह रहे झोपड़ पट्टी व कच्चे मकानों के बराबर टैक्स देना

आलीशान बंगलों में रहने वाले चाह रहे झोपड़ पट्टी व कच्चे मकानों के बराबर टैक्स देना

 जबलपुर   जब आलीशान बंगलों और महलनुमा भवनों में रहने वाले झोंपड़ पट्टी और कच्चे छोटे मकानों के बराबर टैक्स देना चाहें तो नगर निगम की आय कहां तक बढ़ेगी। कुछ ऐसा नजारा विगत दिनों उस वक्त देखने मिला जबकि डुमना रोड पर बनी प्रियदर्शिनी कॉलोनी,संस्कार कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी के रहवासी ननि मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करते नजर आए। इन सभी धनाढ्यों का कहना था कि परिसीमन में विसंगति हुई है और यह बेहद त्रुटिपूर्ण है। हमसे 25 मीटर आगे रहने वाले महगवां के लोगों से कम टैक्स लिया जाता है और हमसे कई गुना ज्यादा इसमें सुधार होना चाहिए। यहां पर यह गौरतलब है कि प्रियदर्शिनी कॉलोनी से महज 25से 50 मीटर की दूरी पर स्थित महगवां में करीब डेढ़ हजार परिवार रहते हैं जिनके मकान देखकर इनकी गरीबी का अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां सभी गरीब परिवार रहते हैं जिनके पास झोंपड़पट्टी या छोटे-छोटे कच्चे मकान हैं।

बंगले वालों ने ये की मांग

मेम्बर्स एंड रेसीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रियदर्शिनी कॉलोनी,संस्कार कॉलोनी,सैनिक कॉलोनी के रहवासी नगर निगम ज्ञापन देने पहुंचे थे। उनका कहना था कि एक वार्ड में टैक्स वसूली को लेकर दो नजरिए गलत हैं। यहां का परिसीमन बेहद त्रुटिपूर्ण है। हालाकि ये यह नहीं बता रहे कि जब परिसीमन को लेकर आपत्तियां मांगी गई थीं तो वे मौन क्यों रहे। अब टैक्स देने में इन्हें परेशानी हो रही है,मगर ये मूलभूत सुविधाएं पूरी चाहते हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद होने पर इन्होंने हंगामा मचाया,सफाई के लिए जब यहां कर्मचारी भेजे जाते हैं तो बंगलों में अंदर तक काम करवाना चाहते हैं।

पार्षद ने कराया था ध्यानाकर्षण

गौरतलब है कि वार्ड क्रमांक 79 दादा ईश्वरदास रोहाणी वार्ड के पार्षद विनोद चौधरी हैं जो कि निर्दलीय चुनाव जीते हैं। इन्होंने नगर निगम का ध्यान आकर्षित करवाकर टैक्स निर्धारण में अमीर व गरीब का ध्यान रखने कहा था। इस बारे में जब ननि ने छानबीन की तो उपरोक्त तथ्य निकलकर सामने आए जिसके हिसाब से कर निर्धारण किया गया था। चंद लोगों को ही जो कि आलीशान भवनों में रहते हैं से सिविल लाइंस के बराबर टैक्स वसूला जाता है,जो कि पूरी तरह से उचित है।