आंसू निकाल रही प्याज, 80 पर अटके भाव, 1 दिन में पस्त हुए जिम्मेदार

आंसू निकाल रही प्याज, 80 पर अटके भाव, 1 दिन में पस्त हुए जिम्मेदार

जबलपुर। आसमान छूती प्याज की कीमतें आमजनों के आंसू निकाल रही है। गृहणियां घर का बजट गड़बड़ाने से बेचैन हैं। हर कोई हाय प्याज-हाय प्याज करने पर मजबूर है, दूसरी ओर प्याज का स्टॉक कर भाव बढ़ाने वाले जमाखोर मालामाल हो रहे। महंगी हुई प्याज से लोगों को हो रही परेशानी के चलते कलेक्टर भरत यादव के फरमान पर बुधवार को जिम्मेदारों ने दो जमाखोरों के ठिकानों पर धावा बोलकर लगभग सवा 11 लाख रूपए की प्याज जब्त कर हड़कंप मचाया, लेकिन गुरूवार को पूरी टीम हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। एक दिन में ही ठण्डे पड़े खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने शहर में एक दिन कार्रवाई कर वाहवाही तो लूट ली, लेकिन इसका जमाखोरों पर कुछ खास असर नहीं दिखा, न ही सब्जी मण्डियों में भाव पर कोई असर नजर आया। वहीं कलेक्टर के निर्देश पर एक दिन कार्रवाई करने वाली टीम ने दूसरे दिन कलेक्ट्रेट से बाहर आकर जमाखोरों के ठिकानों पर धावा बोलने की जोहमत नहीं दिखाई। कलेक्ट्रेट में ही अन्य विभागों के कर्मचारी तक यह कहते पाए गए कि एक दिन में पूरा जोश ठण्डा पड़ गया। हालांकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सूत्रों का कहना है कि जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है और यह क्रम लगातार जारी रहेगा। खेप में कोई असर नहीं प्याज की उतनी ही खेप गुरूवार को फुटकर बाजारों में पहुंची, जितनी एक सप्ताह से आ रही थी। इसका असर यह हुआ कि अच्छी क्वालिटी की प्याज के भाव 80 रूपए किलो पर ही अटके रहे। डाउन क्वालिटी की प्याज जरूर सुबह कृषि उपज मंडी स्थित सब्जी बाजार, निवाड़गंज, गोहलपुर व गोरखपुर सब्जी मण्डी में 60 रूपए किलो के भाव पर बेची गई। प्याज के बढ़े भाव के चलते लोगों ने भी केवल उतनी ही प्याज खरीदी, जिनती आवश्यक है। ऐसा इसलिए किया क्योंकि लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही दाम कम होंगे। जिले भर में जमाखोरी सब्जी के व्यापार से जुड़े सूत्रों की मानें तो शहर में व्यापारियों के अन्य ठिकानों पर भी धावा बोलने पर प्याज का भारी स्टॉक सामने आ सकता है। शहर ही नहीं बल्कि सिहोरा, कुण्डम, बरगी, पनागर, शहपुरा आदि स्थानों पर प्याज के जमाखोरों ने बड़ा स्टॉक किया हुआ है। यदि टीम ईमानदारी से कार्रवाई करेगी, तभी प्याज दनादन बाहर निकलेगी और इसके दामों में गिरावट आएगी। हालांकि प्याज की किल्लत पूरे देश में बनी हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यदि जमाखोरों का माल बाहर निकलेगा तो दो दिन में प्याज 30 रूपए किलो पर आ सकती है।