चयन के एक साल बाद भी नियुक्ति नहीं हुई, असिस्टेंट प्रोफेसर्स ने कराया मुंडन

चयन के एक साल बाद भी नियुक्ति नहीं हुई, असिस्टेंट प्रोफेसर्स ने कराया मुंडन

इंदौर मप्र पीएससी में चयनित होने के एक साल बाद भी नियुक्ति नहीं होने के कारण परेशान हो रहे असिस्टेंट प्रोफेसर्स, स्पोर्ट्स ऑफिसर और लाइब्रेरियन्स ने संविधान बचाओ यात्रा शुरू की है। रविवार को करीब डेढ़ हजार पीएससी चयनित अभ्यर्थियों ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली महू से यह पदयात्रा शुरू की जो भोपाल पहुंचकर खत्म होगी। भोपाल पहुंचकर प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ और राज्यपाल लालजी टंडन को ज्ञापन सौंपकर सामूहिक भूख हड़ताल करेंगे। यात्रा शुरू करने से पहले युवाओं ने बाबा साहब के स्मारक पर मुंडन कराकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। उच्च शिक्षा मंत्री और विभागों के अफसरों के कई चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर पीएससी चयनित अभ्यर्थियों को आंदोलन का यह रास्ता अपनाना पड़ रहा है। चयनित सहायक प्राध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रकाश खातरकर का कहना है कि नियुक्तियों के आदेश नहीं होने से सभी चयनितों में रोष है। उन्होंने बताया कि 12 नवंबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नियुक्ति का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक नियुक्ति प्रक्रिया का आगे नहीं बढ़ना, शासन-प्रशासन की उदासीनता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों में पांच हजार से ज्यादा प्रोफेसरों के पद खाली पड़े हैं, जबकि 2018 में चयनित 2500 प्रोफेसर नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों के करीब 200 चयनित अभ्यर्थी हैं।

राज्यपाल को भेंट करेंगे संविधान की प्रति

डॉ. प्रकाश खातरकर ने कहा कि हम अपने संवैधानिक अधिकार और संवैधानिक संस्था पीएससी की रक्षा के लिए भारतीय संविधान की प्रतियां मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेंट करेंगे। इसके अलावा सामूहिक मुंडन के बाद निकाले गए बालों को प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

30 को पहुंचेंगे भोपाल, 16 संगठनों का समर्थन

संविधान बचाओ यात्रा महू से शुरू होकर राऊ, इंदौर, देवास, सोनकच्छ, आष्टा, सीहोर होते हुए 29 नवंबर को राजधानी भोपाल पहुंचेगी। प्रदर्शनकारियों को 16 संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा प्रोफेसर्स ने भी इनकी मांग को जायज बताया है।