रेप केस में लड़की की जांच रिपोर्ट आरोपी की जमानत का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

रेप केस में लड़की की जांच रिपोर्ट आरोपी की जमानत का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। यौन हिंसा के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपना रहे सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि रेप केस में लड़की की ‘सेक्स लाइफ’ की वजह से आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि अगर मेडिकल सबूत इस ओर इशारा दे रहे हों कि यौन हिंसा की पीड़ित ‘सेक्स की आदी’ है तब भी यह किसी हाई कोर्ट के लिए रेप आरोपी को जमानत देने का कोई आधार हरगिज नहीं हो सकता। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सूर्य कांत की बेंच ने रेप केस के एक आरोपी रिजवान को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने पर सख्त रुख अपनाया। हाई कोर्ट ने इस आधार पर आरोपी को जमानत दे दी थी कि मेडिकल रिपोर्ट इस ओर इशारा कर रही थी कि पीड़ित ‘सेक्स की आदी’ थी और आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। हाईकोर्ट ने यह माना था कि हो सकता है कि आरोपी और पीड़ित के बीच सहमति से रिश्ता रहा हो। सीजेआई की अगुआई वाली बेंच ने कहा- ‘सेक्स की आदी होना जमानत देने का आधार नहीं है।’ सुप्रीम कोर्ट ने 3 अप्रैल 2018 को आरोपी रिजवान को हाई कोर्ट से मिली जमानत को रद्द कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को 4 हμते के भीतर मुजμफरनगर कोर्ट में सरेंडर करने को कहा है।