आर्बिटर हमेशा अंधेरे में रहने वाले चांद के हिस्से की भेजेगा तस्वीर

आर्बिटर हमेशा अंधेरे में रहने वाले चांद के हिस्से की भेजेगा तस्वीर

बेंगलुरू। चांद की सतह पर उपस्थित लैंडर विक्रम की लोकेशन का तो पता चल चुका है, लेकिन अब-तक उससे संपर्क नहीं हो पाया है। इस बीच इसरो के दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 का आर्बिटर अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे रहा है। खास बात ये है कि आर्बिटर चांद की उन जगहों की हाई रेजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भेजेगा, जहां हमेशा अंधेरा छाया रहता है। उन इलाकों में सूर्य की किरणें कभी नहीं पहुंचतीं। आज तक कोई भी मून मिशन इस इलाके की तस्वीरें लेने में सक्षम नहीं रहा। ये तस्वीरें पूरी दुनिया के लिए नई बात होंगी। ये अपने आप में चंद्रयान-2 की बहुत बड़ी सफलता है। आर्बिटर इस वक्त चांद की सतह से करीब 100 किमी के ऊपर चक्कर लगा रहा है। इसरो के पूर्व अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने मीडिया से बताया कि, 'हमें चंद्रयान-1 से ज्यादा अच्छे रिजल्ट की उम्मीद है।