जिस टंकी को जर्जर कह रहे थे वह 9.5 किलोग्राम बारूद से भी नहीं ढही

जिस टंकी को जर्जर कह रहे थे वह 9.5 किलोग्राम बारूद से भी नहीं ढही

भोपाल। शाहजहांनाबाद की उम्रदराज खतरनाक और जर्जर घोषित जिस पानी की टंकी के कभी भी भरभरा कर ढह जाने का अंदेशा था, उसे नौ किलो बारूद से किया गया विस्फोट भी नहीं डिगा सका। हालांकि विस्फोट के बाद पानी की टंकी पहले से ज्यादा खतरनाक हो गई है। ऐसे में नगर निगम ने टंकी के 200 मीटर का दायरा बेरीकेड लगा सील कर दिया। यहां किसी के भी आने- जाने पर पाबंदी है। अब टंकी को गुरुवार सुबह 10 बजे एक और विस्फोट कर ढहाया जाएगा। करीब 40 साल पुरानी शाहजहांनाबाद पानी की टंकी जर्जर घोषित हो चुकी है। उसे ढहाने की कोशिशें बीते दो साल से चल रही हैं, लेकिन अब तक टंकी नहीं ढहाई जा सकी है। पहले टंकी को मजदूरों की मदद से ढहाया जाना था, लेकिन इसमें निगम नाकाम हो गया। इसके बाद टंकी को विस्फोट से ढहाया जाना था, जिसके तहत सात जून की तारीख तय की गई थी, लेकिन विस्फोट 12 जून की शाम करीब चार बजे किया गया, लेकिन टंकी नहीं ढही।

40 से ज्यादा घर कराए खाली, आरिफ अकील जख्मी

गौरतलब है कि टंकी के आसपास घना रिहायशी इलाका है। टंकी से लगी हुई नगर निगम की दुकानें हैं, जिन्हें निगम ने खाली करा लिया था। जबकि बुधवार को टंकी ढहाने को विस्फोट करने से पहले आसपास के 40 से ज्यादा मकानों को खाली कराया गया था। टंकी ढहाते वक्त मौके पर मंत्री आरिफ अकील मौजूद थे। हालांकि वह सुरक्षा के मद्देनजर तय दूरी पर ही नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ खड़े थे। लेकिन जब विस्फोट हुआ तो धमाके के साथ पत्थर उछले और उनमें से एक पत्थर उनके पैर में आकर लगा, जिससे वे जख्मी हो गए।

250 ड्रिल कर भरा साढ़े नौ किलो बारूद

चालीस साल पुरानी पानी की टंकी को ढहाने के लिए विस्फोट विशेषज्ञ शरद सरवटे ने टंकी में चारों तरफ 250 से ज्यादा ड्रिल (होल) करवाए। इसमें दो दिन का वक्त लगा, जबकि बुधवार को विस्फोट से पहले सात घंटों में टंकी में साढ़े नौ किलो बारूद भरा गया। इसके बाद शाम करीब सवा चार बजे विस्फोट किया गया, लेकिन टंकी नहीं ढही।

क्यों नहीं गिरी टंकी

शरद सरवटे के सहायक महेश पाटीदार ने बताया कि टंकी को विस्फोट से ढहाने से पहले टंकी के फाउंडेशन वॉल को जेसीबी से तोड़ा जाना था। लेकिन टंकी के तीन तरफ मकान बने हुए हैं, जिससे यहां जेसीबी मशीन नहीं पहुंच सकी। ऐसे में जब विस्फोट किया गया, तो टंकी नहीं गिरी। हालांकि विस्फोट से टंकी का फाउंडेशन कमजोर हो गया है, दोबारा विस्फोट से ढहा दिया जाएगा।