स्कूल में तिरंगा फहराया था महाराज ने बटवाई थी मिठाई

स्कूल में तिरंगा फहराया था महाराज ने बटवाई थी मिठाई

ग्वालियर। अंग्रेजी दासता से संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली तो खुशी का पारावार नहीं रहा। आजादी के जश्न में पूरा देश डूबा तो ग्वालियर कहां अछूता रहने वाला था। आदर्श विद्यालय में जश्न मनाया गया तो सिंधिया रियासत के तत्कालीन महाराज द्वारा मिष्ठान वितरण कराया गया था। शहर के प्रसिद्ध उद्योगपति श्रीकृष्णदास गर्ग कहते हैं कि 1942 में हमारा शहर में आदर्श विद्यालय के नाम से स्कूल संचालित होता था। 14 एवं 15 अगस्त की मध्यरात्रि में जैसे ही आजादी मिलने की खबर दौड़ी तो ग्वालियर में भी खुशी की लहर चल पड़ी। हमने सुबह 8 बजे स्कूल में तिरंगा फहराया और बच्चों, स्टॉफ के साथ जितने भी शहरवासी आए उन्हें भी मिष्ठान वितरित किया गया। शहर में और कहां क्या हुआ, यह मेरी जानकारी में नहीं है। जहां तक सुनने में आता है कि शहर में जिसने आजादी के बारे में सुना था खुशी मनाई थी। आजादी का जश्न उल्लास पूर्वक कब मनाया गया था, यह मुझे ज्ञात नहीं हो पा रहा है।

महल ने बटवाई थी मिठाई

आजादी के रोज जयविलास पैलेस की ओर से आजादी की खुशी में मिष्ठान वितरण किया गया था। 92 वर्षीय वैद्य कृष्णाचार्य गजेन्द्र गड़कर कहते हैं कि हमने मिठाई खाई थी, यह हमें पता है। हमने भी आजादी का जश्न मनाया था। शहर में जगह-जगह टोलियां निकलीं थीं । इतना सिर्फ पता है। बड़े स्तर पर कार्यक्रम सिंधिया रियासत के भारत संघ में विलय के बाद मनाया गया था।

हजीरा पर स्वतंत्रता सैनानियों ने फहराया था तिरंगा

15 अगस्त 1947 के रोज आजादी के दिन ग्वालियर में समारोह पूवर्क तिरंगा नहीं फहराया गया था लेकिन बाद में हजीरा पर स्वतंत्रता संग्राम सैनानी डोंगर सिंह कक्का, रामचन्द्र सर्वटे के नेतृत्व में स्वतंत्रता सैनानियों ने हजीरा पर कार्यक्रम किया था। वरिष्ठ पत्रकार देवश्रीमाली कहते हैं कि डोंगर सिंह की किताब में इस बात का जिक्र उन्होंने किया था। यही एकमात्र उपलब्ध प्रमाणिक दस्तावेज है।