सरकारी सुविधाएं चाहने वालों को नहीं मिलेगा अमेरिकी वीजा

सरकारी सुविधाएं चाहने वालों को नहीं मिलेगा अमेरिकी वीजा

वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन ने अवैध आव्रजन रोकने नए नियम बनाए हैं। इसके तहत अमेरिकी प्रशासन ने उन लोगों को वीजा और ग्रीन कार्ड नहीं देने का फैसला किया है जो गरीब हैं और सरकारी सुविधाओं का फायदा लेकर अमेरिका में बने रहना चाहते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह की व्यवस्था के शुरू से पक्षधर रहे हैं और चुनावों के दौरान अमेरिकन फर्स्ट का नारा देते रहे हैं। आव्रजन मामले में ट्रंप के सहयोगी स्टीफन मिलर की सलाह पर बना नया नियम 15 अक्टूबर से लागू होगा।

अमेरिका आने वाले निवासियोंके बारे में होगी जांच

इससे पहले अमेरिका में खाद्यान्न, आवास, चिकित्सा और लोक कल्याण की कई सरकारी योजनाओं का लाभ वहां के निवासियों को मिलता रहा है। इस कारण वहां जाने वाले विदेशियों और वहां निवास की स्थायी अनुमति हासिल करने वाले विदेशी मूल के लोगों को भी ये सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन अब प्रशासन वीजा देने से पहले जांच लेगा कि अमेरिका आने वाला शख्स अपनी जिम्मेदारियों को खुद उठाने में सक्षम है या नहीं। इसके लिए कड़े नियम बनाए हैं।

आत्मनिर्भर होना अमेरिका की पुरानी परंपरा

ये लोग अमेरिका आकर कहीं यहां की नागरिक सुविधाओं पर बोझ तो नहीं बन जाएंगे। सरकारी सुविधाओं का फायदा तो नहीं उठाने लगेगा। फेडरल रजिस्ट्रार ने इस बाबत नोटिस जारी कर दिया है। अमेरिका की नागरिक और आव्रजन सेवा के कार्यकारी निदेशक केन कुसीनेली के अनुसार आत्मनिर्भर होना अमेरिका की पुरानी परंपरा है। हम उसी को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहे हैं। कुछ समय के बाद इसका लाभ अमेरिका की कर देने वाली आबादी को मिलने लगेगा। उन्हें अपने धन के एवज में पूरी सरकारी सुविधाएं मिलेंगी।

राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकता

ज्ञात हो कि अमेरिका की आव्रजन व्यवस्था में बदलाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं में पहले से शामिल रहा है। वह वैध और अवैध आव्रजन को कम से कम करना चाहते हैं। वह आव्रजन को अमेरिकी हित के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं, आव्रजक के हित में नहीं। अमेरिका में मैक्सिको सीमा पर दीवार खड़ी करना भी ट्रंप की इसी नीति का हिस्सा है। इसके जरिये वह मैक्सिको से होने वाली घुसपैठ पर रोक लगाना चाहते हैं। इसके लिए अमेरिकी संसद में लंबे समय तक गतिरोध बना रहा।