आज गांधीजी को विदेशी लोग समझने के लिए ज्यादा ललायित है

आज गांधीजी को विदेशी लोग समझने के लिए ज्यादा ललायित है

भोपाल ।  गांधी की जय-जयकारों से पूरा हिन्दी जगत अनुगूंजित है। गांधी भारत ही नहीं सारे विश्व में असाधारण व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। मनुष्यता के लिए जो संघर्ष किया उसी ने गांधी को 'महात्मा' बनाया। गांधी ने जो सत्य- अहिंसा का रास्ता बताया है उसे आचरण में उतारना होगा तभी गांधी के विचारों की सार्थकता है। कुछ इस तरह के विचार रविवार को हिन्दी भवन में सुनाई दिए। बापू चिंतन, दर्शन और सिंद्धांतों पर विमर्श के साथ मप्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति का आयोजन 'पावस व्याख्यानमाला' का समापन हुआ। व्याख्यानमाला के दूसरे दिन पहले सत्र में 'हिन्दी साहित्य में गांधी की अनुगूंज' विषय पर डॉ. सूर्य प्रकाश दीक्षित की अध्यक्षता में व्यक्तव्य हुआ। विषय पर बात करते हुए डॉ. स्मृति शुक्ला ने कहा कि साहित्य में गांधी की अनुगूंज द्विवेदी युग से लेकर आज तक सुनाई देती है। गांधी पर उपन्यासकार और कवियों दोनों ने लिखा और सबकी ही अपनी अलग दृष्टि रही। वहीं शिक्षाविद् रमेश दवे ने कहा कि गांधी की अनुगूंज जीवन के हर क्षेत्र में है लेकिन साहित्य में ज्यादा है। इस पर एक महाग्रंथ तैयार किया जा सकता है। डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय ने गांधी और जयंशकर प्रसाद को केन्द्र में रखते हुए कहा कि गांधी और प्रसाद दोनों का समय लगभग समान ही है। दोनों ही भारतीयता के निर्माण में लगे रहे हैं। इसी कड़ी में शिवदयाल का कहना था कि अपने समय का नायक साहित्य से प्रभावित होता है और प्रभावित भी करता है। बापू इतिहास के पहले ऐसे राजनेता हुए हैं सत्य,अहिंसा को लेकर चले हैं इसलिए वे सभी से अलग दिखाई देते हैं।

सत्याग्रह से विरोधी का दिल जीत लेते थे बापू

कार्यक्रम के दूसरे और आखिरी सत्र में 'गांधी चिंतन की अंर्तदृष्टि सत्य एवं अहिंसा के संदर्भ में न्यायमूर्ति डीएम धर्माधिकारी की अध्यक्षता में व्याख्यान हुए। इस पर डॉ. डीएन प्रसाद ने कहा कि गांधी के दर्शन में सत्याग्रह शब्द ही उनके पूरे संघर्ष को चित्रित करता है। अफ्रीका में उनके साथ रेल में हुई घटना ही उनके सत्याग्रह की जननी है। सत्र की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति डीएम धर्माधिकारी ने कहा कि आज गांधी को भारतीयों से ज्यादा विदेशी अधिक समझने के लिए ललायित हैं। यह उनके विचारों की व्यापकता और प्रासंगिता को साबित करता है। गांधी ने जो सत्य का सिद्धांत दिया है वही किसी भी समस्या का स्थायी समाधान दे सकता है।