4-5 बार ओटी में ले गए फिर दिखना हो गया बंद

4-5 बार ओटी में ले गए फिर दिखना हो गया बंद

इंदौर। धार रोड स्थित इंदौर नेत्र चिकित्सालय में 11 मरीजों के मोतियाबिंद आॅपरेशन के बाद आंखों की रोशनी चले जाने के मामले में रविवार से जांच प्रारंभ हो गई। इसमें अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रविवार सुबह कांग्रेसियों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने चोइथराम अस्पताल पहुंच मरीजों से मुलाकात की। मामले में जिला अंधत्व निवारण अधिकारी टीएस होरा को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए रविवार को कमिश्नर आकाश त्रिपाठी के साथ अन्य अधिकारी इंदौर नेत्र चिकित्सालय पहुंचे और लोगों के बयान दर्ज किए।

मरीजों को चेन्नई भी ले जाना पड़ा तो ले जाएंगे: तुलसी सिलावट

दोपहर अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री तुलसी को मरीजों ने बताया कि उन्हें चार से पांच बार ओटी में ले गए और सुई लगाई, जिसके बाद से दिखाई देना बंद हो गया। मरीजों से हाल जानने के बाद सिलावट ने कहा कि उनको चेन्नई ले जाना पड़ा तो वहां भी ले जाएंगे। पहली प्राथमिकता है कि आंखों की रोशनी वापस आए। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। आंखें खोने वाले दो और मरीज सामने आए हैं। 5 अगस्त को मुन्नी बाई और राधा यादव की आंखों का आॅपरेशन किया था। आॅपरेशन के बाद इन्हें परेशानी हुई तो 8 अगस्त को पुन: अस्पताल बुलाकर आॅपरेशन किया गया। इसके बाद इनकी रोशनी चली गई।