सपाक्स में दो फाड़ होना तय, नेता आमने-सामने

सपाक्स में दो फाड़ होना तय, नेता आमने-सामने

भोपाल सपाक्स पार्टी और सपाक्स समाज कभी भी दो फाड़ हो सकते हैं। दोनों संगठनों के नेताओं में तकरार बढ़ गई है और अब जल्द ही पार्टी और समाज की बैठकें बुलाने की तैयारी हैं। उधर इस खबर से कांग्रेस और भाजपा के कान खड़े हो गए हैं। सपाक्स पार्टी पर सामाजिक आंदोलन को लगातार चोट पहुंचाने और चुनावी मौसम में सांठगांठ से सपाक्स समाज नाराज है और पार्टी से अलग हो सकता है।

बेपटरी हो गया आंदोलन

सियासी पार्टी बनते ही सामाजिक आंदोलन बिखरने लगा। इसी बीच चंदाखोरी और चुनाव में सांठगांठ करके प्रत्याशी बदलने और विड्रा करने के आरोप लगना शुरु हो गए। यह सवाल भी सरगर्म हुआ कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बाद हीरालाल त्रिवेदी स्वयं चुनाव क्यों नहीं लड़ते। विवाद बढ़ते-बढ़ते 15 फरवरी को दो फाड़ होना तब तय हुआ, जब पार्टी के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बोलने पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन फ्लॉप रहा और त्रिवेदी भी नहीं आए।