एक मई से फ्री नहीं रहेगा यूपीआई ; गूगल-पे, फोन पे और पेटीएम सर्विस पर कुछ बैंक लगा सकते हैं चार्ज

एक मई से फ्री नहीं रहेगा यूपीआई ;  गूगल-पे, फोन  पे और पेटीएम सर्विस पर कुछ बैंक लगा सकते हैं चार्ज
- कोटक महिंद्रा बैंक चार्ज लगाने वाला पहला बैंक । 
- 1000 रुपए तक के ट्रांजेक्शन पर 2.5, इससे ज्यादा के लेनदेन पर 5 रुपए+18 फीसदी जीएसटी भी चुकाना होगा । 

 

यूटिलिटी डेस्क। यूनिफाइड पेमेंट सिस्टम (यूपीआई) से लेनदेन एक मई से चार्जेबल हो सकता है। इसके लिए आपको 6 रुपए तक अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। दरअसल, कोटक महिंद्रा बैंक ले हाल ही में गूगल पे, फोन पे, भीम और पेटीएम जैसे प्लेटफॉर्म पर लेनदेन के लिए शुल्क लगाने की घोषणा की है। बैंक के प्रमुख रोहित राव के मुताबिक हर महीने 30 ट्रांजेक्शन के बाद यह शुल्क लगाया जाएगा। इसमें जीएसटी भी देना होगा। माना जा रहा है कि इस घोषणा के बाद SBI, ICICI, HDFC और दूसरे बैंक भी यूपीआई ट्रांजेक्शंस को चार्जेबल करने की तरफ कदम उठा सकते हैं। कोटक के मुताबिक आईएफएससी कोड के जरिये लेनदेन पर भी यह शुल्क लगेगा। 
 
कोटक महिंद्रा की यह योजना : 
-2.5 रुपए और 18 फीसदी जीएसटी देना होगा 1000 रुपए तक के किसी भी ट्रांजेक्शन पर। 
- 5 रुपए प्लस लगेगा 1000 रुपए से अधिक के ट्रांजेक्शन पर। हालांकि दोनों चार्ज पेमेंट करने वालों को देने होंगे। 
- फोन पर पेमेंट लेने वाले को कोई भी शुल्क नहीं देना होगा।  

आनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए पेटीएम सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म
2.21 अरब ट्रांजेक्शंस के साथ ऑनलाइन पेमेंट में पेटीएम सबसे आगे है। 
2.20 अरब ट्रांजेक्शंस के साथ गूगल पे दूसरे नंबर पर है।  
1.4 करोड़ ट्रांजेक्शन ही होते हैं भीम यूपीआई ऐप पर।
139 बैंक दुनियाभर के यूपीआई पेमेंट की सुविधा मुहैया करवा रहे हैं।