कहीं घंटों लाइन में इंतजार, कहीं कैन भर-भरकर ले गए पेट्रोल

कहीं घंटों लाइन में इंतजार, कहीं कैन भर-भरकर ले गए पेट्रोल

इंदौर ।    डीजल के दाम में कटौती करने की मांग को लेकर शनिवार से हड़ताल पर गए ट्रक चालकों के कारण आम नागरिकों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। हड़ताल के बाद शहर में कोई भी टैंकर चालक पेट्रोल लेकर नहीं आया है। शनिवार रात तक शहर में पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल रहा था, लेकिन रविवार को पंपों की स्थिति बिलकुल उलट गई। शहर का ऐसा कोई पंप नहीं है जहां पर वाहनों की लाइन नहीं लगी है। कुछ पंपों की हालत तो यह थी कि सुबह 7 बजे खुले और तीन घंटे बाद 10 बजे स्टॉक खत्म हो गया। इसके बाद वाहन चालक पेट्रोल के लिए इधर-उधर भटकते रहे। एलआईजी लिंक रोड स्थित मदन μयूल के संचालक ने बताया कि पंप पर शाम 7 बजे ही स्टॉक खत्म हो गया था। चूंकि ट्रक डीजल चलित होते हैं, उनके टैंक की क्षमता भी अधिक होती है, इसलिए डीजल की मांग कम बनी हुई है। आज सोमवार तक डीजल का स्टॉक खत्म हो जाएगा।

50 वाले ले रहे 200 का पेट्रोल

पेट्रोल का संकट गहराने के पीछे कारण एक यह भी है कि जो वाहन चालक आमतौर पर अपने वाहन में 50 रुपए का पेट्रोल भरवाता था, वह 200 रुपए अथवा फुल टैंक करा रहा है, जिससे दूसरे वाहन चालकों को ईंधन नहीं मिल रहा। कुल मिलाकर जिन पंपों पर स्टाक खत्म नहीं हुआ, वे पंप एक-दो दिन सेवाएं दे सकेंगे। यदि ट्रकों की हड़ताल लंबी खींच गई तो हालत भयावह हो जाएंगे।

20 हजार लीटर की क्षमता

आमतौर पर पेट्रोल पंपों के टैंकों की क्षमता 20 हजार लीटर रहती है। इसके अलावा कुछ पंप संचालक अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त वाहन भी खड़े रखते हैं। कुछ पंप संचालकों की खुद की गाड़ियां हैं,वे तो भरपूर स्टॉक रखे हैं, लेकिन जिनके पास स्वयं की गाड़ी नहीं उनके सामने संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

निगरानी नहीं की गई स्टॉक करने की

पेट्रोल का संकट गहराने से कुछ कतिपय वाहन चालक व पेट्रोल पंप कर्मियों की बांछें खिल गई है। पंपों से बॉटलों, कैनों में पेट्रोल लेने के बाद उसे महंगे दामों पर बेचने का गोरखधंधा भी कुछ क्षेत्रों में होते देखा गया है।