भोपाल से दबाव आते ही निगमायुक्त ने लगाया फोन, रोकी तुड़ाई

भोपाल से दबाव आते ही निगमायुक्त ने लगाया फोन, रोकी तुड़ाई

ग्वालियर।    अवैध कॉलोनी में बन रहे 100 से ज्यादा ड्यूप्लैक्सों को तोड़ रहे निगम अमले को तब पीछे हटना पड़ा, जब तत्काल कार्रवाई रूकवाने निगमायुक्त संदीप माकिन का फोन अधीनस्थ अमले पर आ गया। हालात यह बने कि संदेश आते ही 5 मिनट में निगम अधिकारियों- कर्मचारियों का अमला मौके से मशीनों सहित गायब हो गया। जानकारों की मानें तो अवैध निर्माण की तुड़ाई रूकवाने के लिए भोपाल से चीफ सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी ने संभागायुक्त पर दबाव बनाया। इसके बाद निगम अधिकारियों को तुड़ाई रोकने की हिदायत मिली। निगम प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में स्थित भिंड रोड पर अवैध कॉलोनाईजर अशोक सिंह गुर्जर पुत्र विजय सिंह गुर्जर निवासी गिरगांव द्वारा राजस्व ग्राम महाराजपुरा गिर्द के सर्वे क्रमांक 16 में रकबा (0.6060 हैक्टेयर) सर्वे क्रमांक 17 रकबा (0.0420 हैक्टेयर) एवं सर्वे क्रमांक 18 रकबा(0.5330 हैक्टेयर) कुल रकवा 1.181 हैक्टेयर पर लगभग 100 से ज्यादा ड्यूप्लेक्स बनाकर बेचने के लिए निर्माण कार्य जारी था। मंगलवार दोपहर 3.30 बजे इसकी तुड़ाई करने 5 जेसीबी सहित पहुंचे निगम अधिकारियों ने अवैध निर्माणकर्ता को संभलने का मौका नहीं दिया और आनन फानन में कार्रवाई शुरू कर दी। जिसके चलते देखते ही देखते 70 से ज्यादा ड्यूप्लैक्स को घंटे भर की तुड़ाई में जमीदोज कर दिया गया। लेकिन जैसे ही दो दर्जन छत डल चुकी ड्यूप्लैक्सों की तुड़ाई का क्रम आया, तो अवैध कॉलोनाइजर के कुछ साथी मौके पर आ गए और उन्होंने तत्काल अशोक गुर्जर से बात की और तत्काल फोन लगाकर मौके पर मौजूद सिटी प्लानर ज्ञानेन्द्र सिंह जौदान को कार्रवाई रोकने के लिए कहा। लेकिन कार्रवाई नहीं रूकी, जिसके कुछ मिनट में ही निगमायुक्त का फोन आ गया और तुड़ाई रोककर निगम अमला मौके से बैरंग वापस लौट आया। हालांकि तुड़ाई के लिए गए दल के सदस्यों ने निगमायुक्त के फोन को लेकर सूर्यास्त तक कार्रवाई की बात बताई है, लेकिन कार्रवाई रूकने के घंटे भर बाद सूर्यास्त होता देखा गया।

साले की मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवाल

निगम की तुड़ाई के दौरान सिटी प्लानर ज्ञानेन्द्र सिंह जादौन के साले के रूप में पहचान देने वाले अरविंद भदौरिया को हर कार्रवाई में मौके पर देखे जाने को लेकर सवाल उठ रहे है। साथ ही बिना नाम लिए बिल्डिंग निर्माण से जुड़े निगम अधिकारी साले की मौजूदगी पर दबी जुबान में आपत्ति कर रहे है कि वह निगम की कार्रवाई में किस हैसियत से मौजूद रहते है?

एक करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अंदाजा

मौके पर मौजूद निर्माण से जुड़े लोगों की मानें तो तुड़ाई के दौरान अवैध कॉलोनाइजर के 70 से ज्यादा ड्यूप्लैक्स तोड़ने के चलते लगभग एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। अह्म बात यह है कि तुड़ाई के लिए पोकलेन मशीन के लेट आने के चलते छत डाल चुके ड्यूप्लैक्सों की तुड़ाई बच गई, वर्ना नुकसान का लेवल 2 करोड़ से ज्यादा होता।