क्यों अलग होती है डे क्रीम और नाइट क्रीम, इन्‍हें लगाने का फायदा?

क्यों अलग होती है डे क्रीम और नाइट क्रीम, इन्‍हें लगाने का फायदा?

हम में से कई लोग अपनी स्किन के ल‍िए ब्‍यूटी क्रीम या मॉइश्‍चराइजर का इस्‍तेमाल विज्ञापन देखकर को करते हैं। कई बार लोग अपनी स्किन टाइप और इश्‍यूज को जाने बगैर ही कोई भी डे और नाइट क्रीम लगाने लग जाते हैं। कई लोग अपने ही मन से नाइट और डे क्रीम लगाने लगते हैं। स्किन केयर के ल‍िए सबसे अच्छा और सुरक्षित तरीका है किसी डर्मेटोलाजिस्ट या ब्यूटी एक्सपर्ट से राय ले लें। अब ऐसे में बाजार में मिलने वाली कॉमन ब्यूटी क्रीम से आपकी त्वचा की कुछ जरूरतें तो पूरी हो सकती हैं मगर सभी नहीं।

हम में से कई लोगों को लगता है कि डे क्रीम और नाइट क्रीम में कोई खास फर्क नहीं होता हैं इसल‍िए लोग अपने मन मुताबिक ही क्रीम लगाने लगते हैं। लेकिन आपको मालूम होना चाहिए उम्र के साथ साथ चेहरे की मैंटनेंस और जरुरतों में बदलाव आने लगता हैं। इसल‍िए डे और नाइट केयर से आप अपने चेहरे की त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि 'डे' और 'नाइट' क्रीम में अंतर क्या है? और इनकी जरुरत क्‍यों पड़ती हैं।

डे क्रीम का काम

दिन के समय स्किन को मेकअप, प्रदूषण, तनाव और यूवी किरणें नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए एक डे क्रीम को स्किन की सुरक्षा और संभाल के लिए तैयार किया जाता है। इनमें SPF (सन प्रोटेक्‍शन फैक्‍टर) होता है जो बर्निंग और फोटोएजिंग से स्किन का बचाव करता है। कैफीन जैसे इंग्रीडिएंट्स से स्किन ज्यादा ऊर्जावान और टाइट दिखती है। डे क्रीम को अक्सर मेकअप से पहले बेसिक तौर पर लगाया जाता है इसीलिए इसका फॉर्मूला लाइट और नॉनग्रीसी होता है। यह जल्दी एब्जॉर्ब हो जाती हैं और पोर्स खुले रखती हैं। फाउंडेशन के लिए एक स्मूद बेस तैयार करती हैं। कई डे क्रीम्स में एंटी-एजिंग गुण भी होते हैं।

नाइट क्रीम का काम

आपकी स्किन सबसे ज्यादा काम रात को ही करती है। बाकी शरीर की तरह स्किन भी अपनी रिपेयरिंग, र‍िस्टोरिंग और रि‍जनरेटिंग रात को नींद के दौरान करती है। इसीलिए नाइट क्रीम्स चेहरे की नमी और रिकवरी पर फोकस करती हैं। इनमें ऐसे स्‍ट्रॉन्‍ग मॉइस्चराइजर गुण पाए जाते हैं जो बेहद धीमी गति से स्किन द्वारा एब्‍जॉर्ब कर लिए जाते हैं। रात की क्रीम को दिन की क्रीम की की तुलना में थोड़ी अधिक गाढ़ी होती है क्योंकि रात में त्वचा डैमेज स्किन टिश्‍यूज को रिपेयर करती है। रात के वक्त सूर्य की किरणों की चिंता नहीं होती इसलिए नाइट क्रीम में एसपीएफ नहीं होता है और एंटी-एजिंग इंग्रीडिएंट्स की मात्रा अधिक होती है जो अपना काम बिना किसी रुकावट के कर पाते हैं। इसलिए नाइट क्रीम्स, डे क्रीम्स के मुकाबले ज्यादा हेवी होती हैं।

दोनों में है बड़ा फर्क

नाइट और डे क्रीम के बीच बहुत फर्क होता है। दोनों का काम करने का तरीका और टेक्सचर भी एक दूसरे से अलग होता है। यदि आप नाइट क्रीम को दिन में लगाएंगे तो स्किन ज्यादा ग्रीसी हो जाएगी और सनस्क्रीन का काम नहीं करेगी। इसी तरह रात को यदि आप डे क्रीम लगाते हैं तो स्किन को मॉइश्चर तो मिल जाएगा लेकिन एंटी-एजिंग और मॉस्चराइजिंग एजेंट्स अपना असर नहीं दिखा पाएंगे।

दिन और रात में त्वचा की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। इसी तरह उम्र के अनुसार भी त्वचा की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। इसल‍िए उम्र और स्किन टाइप के अनुसार डॉक्‍टर्स स्किन क्रीम की सलाह देते हैं।