पीपुल्स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस में कोर्स कार्यान्वयन पर हुई कार्यशाला

पीपुल्स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस में कोर्स कार्यान्वयन पर हुई कार्यशाला

भोपाल पीपुल्स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस में पाठ्यक्रम कार्यान्वयन समर्थन कार्यक्रम पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में 20 वर्ष बाद संशोधन कर बदलाव किया है। संशोधित पाठ्यक्रम संपूर्ण भारत में शैक्षणिक सत्र 2019-20 से एक साथ लागू होगा। इसके लिए पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के 29 फैकल्टी मेंबर्स को प्रशिक्षित किया। एमसीआई रीजनल सेंटर एसएआईएमएस इंदौर से डॉ. प्रवीण अरोरा एमसीआई द्वारा इसके लिए आॅब्जर्वर नियुक्त किए गए। डॉ. एस के सदावर्ते डीन-पीपुल्स मेडिकल कॉलेज एवं डॉ. ज्योति मोदी कोआॅर्डिनेटर-चिकित्सा शिक्षा इकाई ने अतिथि आॅब्जर्वर को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कार्यशाला में बताया कि यह संशोधित पाठ्यक्रम एमसीआई विशेषज्ञों की टीम द्वारा विकसित किया गया है। इसमें मुख्य रूप से एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए फाउंडेशन कोर्स में मरीजों से व्यवहार, कानूनी ज्ञान, भाषा, कंप्यूटर ज्ञान के बारे में बताया जाएगा। इससे चिकित्सा के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी मिले एवं समाज को अच्छा और बेहतर चिकित्सक मिले। योग्यता आधारित चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम में भी बदलाव किए हैं। बताया गया कि छात्र का अस्पताल में जाना प्रथम वर्ष से शुरू कर मरीजों के संपर्क में आना शुरू होगा। इससे बीमारियों और लक्षणों को बेहतर समझ सकें व चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सकों की गुणवत्ता में सुधार हो। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की चिकित्सा को भी इंटीग्रेट किया है। छात्रों की चिकित्सा शिक्षा एवं क्लीनिकल ज्ञान में इससे वृद्धि हो तथा समाज को लाभ पहुंचाने वाले चिकित्सकों में चिकित्सा ज्ञान बढ़े। नए कोर्स में स्किल डेवलपमेंट एवं फ्लैक्सिबल लर्निंग पर भी जोर दिया है। कार्यशाला में योग्यता पर आधारित चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम को सुचारु चलाने के लिए आवश्यक जानकारियों के बारे में विस्तार से समझाया, ताकि संशोधित पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2019-20 में सुचारु रूप से लागू किया जा सके।