‘हाइपरटेंशन’ में युवा पीढ़ी, 30 फीसदी ब्लड प्रेशर के शिकार

‘हाइपरटेंशन’ में युवा पीढ़ी, 30 फीसदी ब्लड प्रेशर के शिकार

जबलपुर। शहर सबसे ज्यादा युवा वर्ग हाइपरटेंशन में रहता है। नौकरी का टेंशन, मोटापा और आनुवांशिक कारण से हाइपरटेंशन से युवा पीढ़ी ब्लड प्रेशर का शिकार हो रही है। इसके अलावा अत्यधिक शराब का सेवन, अधिक मात्रा में नमक का सेवन, व्यायाम न करना, तनाव, बर्थ कंट्रोल दवाओं का सेवन, दर्द निवारक दवाओं का सेवन और किडनी रोग आदि होते हैं। चिकित्सकों की मानें तो वर्तमान समय में 20 से 30 फीसदी युवा हाईपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं। वैसे तो हाईब्लड प्रेशर के निवारण के लिए अनेक दवाएं हैं लेकिन कुछ प्राकृतिक उपाय ऐसे हैं जिनको अपनाकर आसानी से हाइपरटेंशन से मुक्त रहा जा सकता है। इन घरेलू उपायों को अपनाने के साथ-साथ डॉक्टर के निर्देशों का पालन जरूर किया जाना चाहिए और नियमित चेकअप के साथ-साथ खान- पान संबंधी निर्देशों का भी पालन किया जाना चाहिए। पता नहीं चलते इसके लक्षण वैसे तो हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर माना जाता है। आमतौर पर इसके लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं। फिर भी सिरदर्द होना, चक्कर आना, सिर भारी होना जैसी समस्या नियमित रूप से होने पर चिकित्सक से सलाह ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि 1960 में हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या 4 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई है। इससे लड़ने के लिए आम आदमी को अपने स्तर पर ही कुछ प्रयास शुरू करने होंगे। अमेरिका में तो एक प्री हाइपरटेंशन ट्रीटमेंट तैयार किया जा रहा है।

ये लापरवाही न करें

जो नियमित ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं। वे महीने में एक बीपी चेक करायें। नियमित रूप से दवा का सेवन करें। नमक कम मात्रा में लें। हाईपरटेंशन से हार्ट अटैक और किडनी फेलुअर का खतरा रहता है। इसलिए ऐसे मरीजों को नियमित अपने इलाज पर ध्यान रखना चाहिए।