टिक-टॉक सेलिब्रिटीके साथ फोटो क्लिक कराने हजारों रुपए खर्च कर रहे यंगस्टर्स...

टिक-टॉक सेलिब्रिटीके साथ फोटो क्लिक कराने हजारों रुपए खर्च कर रहे यंगस्टर्स...

भोपाल। मद्रास होईकोर्ट की मदुरै बैंच ने केंद्र सरकार को टिक टॉक को लेकर कुछ निर्देश दिए हैं, जिनमें टिक-टॉक की डाउनलोडिंग और वीडियो की शेयरिंग को बंद करने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया है कि यह पोर्नोग्राफी को बढ़ावा व युवाओं का दिमाग प्रदूषित कर रहा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या वह ऐसा कोई कानून लाएगी जिससे बच्चों को साइबर क्राइम बचाया जा सके और उन्हें दूर रखा जा सके। वाकई टिक-टॉक एक एडिक्शन बनकर सामने आ रहा है। भोपाल में भी युवा इस एडिक्शन की गिरफ्त में हैं।

अभिभावक खुश न हो अपने बच्चों के टिकटॉक देखकर

मनोविशेषज्ञ डॉ. शिखा रस्तोगी कहती हैं, यह हैरत की बात है कि बच्चे यह वीडियो अपने घर में बना रहे हैं और पेरेंट्स उन्हें मना तक नहीं कर रहे। एक दिन में 20 से 25 वीडियो बनाने तक की जानकारियां मिल रही है। यह मानसिक विकार है यदि कोई हर दिन लिप सिंक वीडियो बनाकर अपलोड कर रहा है। कई लोग अपने कामों तक को किनारा कर लेते हैं ताकि वीडियो बना सके। समाज में यह विकृति के रूप में सामने आ रही समस्या है और युवाओं को ऐसा करने से उनके अभिभावक ही रोक सकते हैं। कई अभिभावक अपने बच्चों के टिकटॉक देखकर खुश होते हैं, तो बिल्कुल न होए क्योंकि यह एडिक्शन है जो कि आपके बच्चे का समय बर्बाद कर रहा है।