एक क्लिक पर 66 लाख छात्रों के खातों में 145 करोड़ पहुंचे

एक क्लिक पर 66 लाख छात्रों के खातों में 145 करोड़ पहुंचे

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को मध्याह्न भोजन योजना की मई और जून के 37 दिनों की 145.92 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक से 66.27 लाख विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर की। पूर्व में मार्च-अप्रैल माह के 33 दिन के 117.11 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को भी 84 करोड़ का भुगतान दो किस्तों में किया गया है। कोरोना संकट की अवधि में कुल 347 करोड़ रुपए योजना के अंतर्गत जमा करवाए गए हैं। अवकाश की अवधि में पहली बार योजना का लाभ विद्यार्थियों को दिया गया है।

पढ़ाई की सब सुविधा देंगे

सीएम ने 10 जिलों के बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि आप पढ़ाई करते रहें। जब भी स्कूल शुरू होंगे, आपको किताबें और यूनिफार्म दी जाएगी। संबल योजना के छात्रों के लिए भी सरकार व्यवस्था करेगी।

अब स्कूल खुलना चाहिए

देवास की कु. उत्तरांशी ने सीएम से कहा कि अब स्कूल खुलना चाहिए। डिंडौरी के सौरभ ने बताया कि लॉकडाउन में खेत में समय दिया। गुना के अनुज ने कहा कि उसने 8वीं के साथ नवमी की किताबें भी पढ़ीं।

13 लाख 80 हजार छोटे किसानों को मिला खरीदी का लाभ

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट के प्रतिकूल दौर में जहां लॉकडाउन के दौरान गेहूं उपार्जन एक बड़ी चुनौती थी। सरकार द्वारा 15 अप्रैल को प्रदेश में उपार्जन शुरू किया गया और करीब सवा माह में ही 15 लाख 29 हजार किसानों ने 1 करोड़ 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा और उन्हें समय पर भुगतान किया गया। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इनमें 13 लाख 80 हजार लघु, मध्यम एवं सीमांत किसान हैं, जो इस समय सबसे ज्यादा जरूरतमंद हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इतनी संख्या में गत वर्षों में कभी भी लघु, मध्यम एवं सीमांत किसानों ने अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बेचा। ऐसे किसानों के पास धनाभाव एवं भंडारण की सुविधा न होने से सामान्य रूप से वे उपज कम दामों पर खुले बाजार में बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं, परंतु लॉकडाउन के समय उनके लिए वह सहारा भी नहीं था। ऐसे में सरकार ने उनकी परेशानी को समझा तथा प्रदेश में गेहूं उपार्जन का काम शुरू किया गया।