ननि में सालों से डेपुटेशन पर 38 अधिकारी, वापिसाी का प्रस्ताव डंप

Nagar nigam

ननि में सालों से डेपुटेशन पर 38 अधिकारी, वापिसाी का प्रस्ताव डंप

ग्वालियर।  लॉकडाउन के चलते आर्थिक मंदी की मार से नगर निगम बदहाली दूर करने के चलते 1.5 करोड़ खर्च वाले डेपूटेशन पर आए 38 अधिकारियो/कर्मचारियो को वापस भेजने का अभियान ठंडे बस्ते में चला गया है। जानकारों की मानें तो प्रशासक एमबी ओझा द्वारा लगभग एक माह पहले पारित संकल्प को दबाव के चलते अभी तक कार्रवाई के लिए भोपाल नहीं भेजा जा सका है। संभागायुक्त व निगम प्रशासक एमबी ओझा द्वारा 14 मई 2020 को पारित संकल्प क्रमांक 35 में डेपुटेशन खत्म कर वापसी की सूची में उपायुक्त अनिल दुबे, सहायक आयुक्त आनन्द कुमार शर्मा के अलावा ज्योति शिवहरे, सुनील कुमार चौहान, सहायक विधि अधिकारी भानुप्रताप सिंह तोमर, उपयंत्री मुरारीलाल शर्मा, विशाल गर्ग, सुरूचि बंसल, अनिल चौहान, अजीत जैन, वर्षा मिश्रा के साथ सहायक राजस्व निरीक्षक शिवराज शर्मा, राजेश खरे, महाराज सिंह, प्रमोद पाल, धर्मेन्द्र धाकड़, जगन अग्रवाल, स्नेहलता परमार, दिनेश जाटव, अभिषेक सिंह भदौरिया के बाद स्वच्छता निरीक्षक राजेन्द्र सिंह विक्रम, दीपक सेंगर, धर्मेन्द्र सिंह परमार, सहायक लेखाधिकारी ऋतु अग्रवाल, शीघ्रलेखक सचिन सविता, अकित शर्मा, सहायक वर्ग -3 में रितेश शाक्य, बृजेन्द्र सिंह किरार, निकता शर्मा, भूपेन्द्र सासोडे, हेमन्त कुशवाह, जितेनद्र सिंह बघेल, रामेन्द्र सिंह गुर्जर, उप स्वच्छता पर्यवेक्षक शीतल दण्डौतिया, विवेक त्यागी, जितेन्द्र सिंह राजावत, सहायक राजस्व निरीक्षक सतेन्द्र सिंह, राहुल धौरोलिया का डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) समाप्त की गई थी।

एक का हुआ ट्रांसफर, तो तीन ने की वापसी

संकल्प होने के बाद उपायुक्त अनिल दुबे व कर संग्रहक जगह अग्रवाल का नाम ऋटिवश डेपुटेशन समाप्ति की लिस्ट से हटाने का पत्र निगमायुक्त ने प्रशासक को लिखा था, लेकिन इस बीच उपायुक्त अनिल दुबे का दतिया ट्रांसफर होने पर उन्होंने खुद ग्वालियर से रवानगी डाल दी। तो जानकारों की मानें तो ऋटिवश नाम जाने वालों की सूची में सहायक वर्ग-3 में शामिल भूपेन्द्र सासोडे भी शामिल हो गए है।