कान्हा बांधवगढ़ तथा पेंच में बनेंगे 416 पेट्रोलिंग कैम्प

कान्हा बांधवगढ़ तथा पेंच में बनेंगे 416 पेट्रोलिंग कैम्प

जबलपुर । कोरोना संक्रमण काल में सब कुछ थम गया था। लंबे समय तक जंगल की सैर बंद रही। अनलॉक होने के बाद खुले नेशनल पार्क 30 जून से फिर बंद हो जाएंगे। इस दौरान वन प्राणियों की सुरक्षा के लिए कान्हा, बांधवगढ़ तथा पेंच टाईगर रिजर्व द्वारा मानसूनी प्लान तैयार किया गया है। 416 पेट्रोलिंग कैम्प बनाए गए हैं। 464 बीट पर फोकस करते हुए सुरक्षा की पहरेदारी की जाएगी। बताया जाता है कि जबलपुर के आस-पास स्थित तीन नेशनल पार्क के फील्ड डायेक्टर्स ने इन प्लान को मुख्यालय भी पहुंचा दिया है। कान्हा टाईगर रिजर्व में 182 पेट्रोलिंग कैम्प तथा 182 बीट, बांधवगढ़ टाईजर रिजर्व 139 पेट्रोलिंग तथा 175 बीट, पेंच टाईगर रिजर्व में 95 पेट्रोलिंग कैम्प तथा 107 बीट हैं। कोर तथा बफर एरिया में लगातार निगरानी कर वन अपराधियों को सक्रिय होने व प्रवेश से रोकने के लिए जाल बिछाया जाएगा।

रोटेशेन चार्ट भी तैयार

कहा जाता है कि सभी पार्कों में संवेदनशील रेंजों पर अपराधियों की गहरी नजर होती है। मौका पाते ही वे वारदातों को अंजाम देते हैं। पार्क प्रबंधन द्वारा रोटेशन चार्ट भी तैयार कर लिया गया है। अलग-अलग तौर पर गश्ती दल व पर्यवेक्षण के लिए अधिकारियों की डयूटी लगाई जाएगी। मॉनिटरिंग का जिम्मा फील्ड डायरेक्टर खुद संभालेंगे

हाथियों का किया जाएगा इस्तेमाल

यूं तो 15 जून से मानसून सत्र शुरू हो गया है। गश्त व पेट्रोलिंग की टीमें भी अपने काम पर लग गई हैं लेकिन पार्क बंद होने के बाद इसका नजारा अलग होगा। बारिश के सीजन में तीनों पार्क में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मोटर गाड़ियों व पैदल गश्त करना मुमकिन नहीं होता है। ऐसे में पार्क प्रबंधन हाथियों का इस्तेमाल करेगा। यहां तमाम तरह की निगरानी हाथियों के जरिए की जाएगी। प्रबंधन द्वारा हाथियों के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण भी कराए जा रहे हैं। वेटरनरी चिकित्सक व महावतों को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रबंधन वन अपराध पर नकेल कसने पूरी तरह से तैयारी कर रहा है।