ब्राजील में चार साल में 570 मासूमों की मौत, मेडिकल इमरजेंसी घोषित

ब्राजील में चार साल में 570 मासूमों की मौत, मेडिकल इमरजेंसी घोषित

ब्राजिलिया। ब्राजील में हालात कुछ अच्छे नहीं चल रहे हैं। यहां यानोमामी क्षेत्र में मेडिकल इमरजेंसी लगाई गई है। बीते चार साल में 570 बच्चों की मौत अलग- अलग बीमारियों से हो गई हैं। इसका कारण कुपोषण और सोने के खनन को बताया जा रहा है। दरअसल, ब्राजील में कई गोल्ड माइनर्स हैं, जो अवैध खनन करके सोना निकालते हैं। इस खनन के लिए वे पारा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बच्चों की मौत हो रही है। इनमें अधिकतर मौतें उन बीमारियों से हुई हैं, जिनका इलाज किया जा सकता था। बता दें, ये मौतें पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के कार्यकाल के दौरान हुई हैं। वर्तमान राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने शनिवार को बोआ विस्टा के हेल्थ सेंटर का दौरा किया। ये हेल्थ सेंटर रोरीमा राज्य में स्थित है। इस जगह पर छोटे बच्चे के छाती की हड्डियां दिख रही थी।

अवैध गोल्ड माइनिंग का अड्डा है ये एरिया

वर्तमान सरकार ने खाद्य पैकेजों की घोषणा की जो आरक्षण के लिए बांटे जाएंगे। जहां लगभग 26,000 यानोमामी रेनफोरेस्ट और ट्रोपिकल सवाना जंगल एरिया है, जो पुर्तगाल जितना बड़ा है। इस फॉरेस्ट एरिया को ही अवैध गोल्ड माइनिंग का अड्डा बना लिया गया है, पिछले दस साल से अधिक समय से इस एरिया में बेतरतीब तरीके से माइनिंग की जा रही है।

पारा पानी में मिलने के बाद हो जाता है खतरनाक

इधर विशेषज्ञों के अनुसार सोने के खनन के लिए पारा यानी मर्करी का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से शुद्ध धातु को उसके ङ्म१ी यानी सल्फाइड या फिर कॉपर पाइराइट से अलग किया जाता है, लेकिन जो पारा बचता है उसको नष्ट करना एक मुश्किल काम होता है। कई बार इस पारे को खत्म ही नहीं किया जाता है, जिससे ये आसपास के पर्यावरण में मिल जाता है। ये हवा में भी छोटे-छोटे कणों के जरिए घुल सकता है। नष्ट न होने से ये जमीन पर भी रहता है। ऐसे में ये पानी में भी मिल जाता है और एक खतरनाक पदार्थ का रूप लेता है, जिसे मिथाइल मरकरी भी कहते हैं। इसके पानी में मिलने से कई प्रकार की बीमारियों हो जाती हैं, जिनका अगर समय पर इलाज न किया जाए तो जान जाने का जोखिम भी रहती है।