हर माह टीबी के निकल रहे 600 मरीज कंडम भवन में अभी भी चल रहा उपचार

600 patients coming out of TB every month are still undergoing treatment at Kandam Bhavan

हर माह टीबी के निकल रहे 600 मरीज कंडम भवन में अभी भी चल रहा उपचार

ग्वालियर शासन के आदेश पर मरीजों की सुविधा बेहतर करने के लिए टीबी विभाग के कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग में कर दिया है, इसके बाद भी मरीजों की परेशानी कम नहीं हो रही है और मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और सर्दी के इस सीजन में 20 फीसदी अधिक मरीज निकले रहे हैं। जिले में हर माह टीबी के 600 नए मरीज निकल रहे हैं इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है जिम्मेदार अधिकारी कितना प्रयास कर रहे हैं मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते इस समय में 11519 टीबी की लिस्टेड मरीज हैं। कर्मचारियों के जीआरएमसी के अधीन आने के बाद भी अभी भी जिला क्षय केन्द्र एवं डीआर टीबी के मरीजों को सालों पहले कंडम हो चुके भवन में भर्ती किया जा रहा है। अधिकारियों की माने तो इस समय डीआरटीबी (गंभीर मरीज) के 6 मरीज इसी भवन में भर्ती है यानि की एक डीआर टीबी के मरीज के लिए 5 कर्मचारी हैं। प्रदेश के हर जिले में जिला स्वास्थ्य क्षय चिकित्सालय चल रहा हैं लेकिन ग्वालियर में 2010 से यह अस्तित्व में ही नहीं हैं। डाक से नहीं भेजी जाती दवाईयां, जिले में होते हैं रैफर मरीजों की सुविधा के लिए अभी यहां पर मरीजों को डाक से दवाईयां भेजने की सुविधा प्रारंभ नहीं हो पाई है। जिला टीबी अधिकारी की माने तो यह सेवा केवल इंदौर में प्रारंभ है हमारे यहां पर हर महीने जिले में ग्वालियर क्षय केन्द्र सहित डबरा, बरई, भितरवार एवं मुरार की डिस्पेंसरी में 75 से 80 हजार मरीजों की ओपीडी रहती है। मरीजों को सात दिनों तक यहां रखा जाता है उसके बाद इन्हें उसके केन्द्र पर शिफ्ट कर दिया जाता है और उसके वहीं से दवा दी जाती है। इसके साथ ही सभी लिस्टेड मरीजों को शासन द्वारा जो 500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है वह उनके खातों में पहुंच रही हैं।