हजारों फीट ऊंचे पर्वतों पर चढ़ेंगे 62 साल के संजय और 53 की ज्योति

हजारों फीट ऊंचे पर्वतों पर चढ़ेंगे 62 साल के संजय और 53 की ज्योति

 राजधानी की पर्वतारोही ज्योति रात्रे ने 26 जनवरी 2022 को -28 डिग्री सेल्सियस की कड़ाके की सर्दी में 17598 फीट की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा फहराया था। खास बात यह है कि 53 साल की उम्र में जहां महिलाएं कई शारीरिक परेशानियों का सामना करती हैं, उस उम्र में ज्योति ने अपने शारीरिक बल व स्फूर्ति को बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की। उनका माउंट एवरेस्ट फतह करने का लक्ष्य साल 2023 में पूरा हो सकेगा। अब उन्होंने उत्तरकाशी में गंगोत्री नेशनल पार्क में आने वाले माउंट सतोपंथ 23212 फीट(7075 मीटर) को फतह करने का अभियान छेड़ा है। ज्योति उत्तकाशी पहुंच चुकी हैं और 12 अगस्त के चढ़ाई शुरू करेगी जो कि पूरा एक्सपीडिशन 20 दिन का होगा। ज्योति पिछले तीन साल से यह तैयारियां कर रही हैं।

संजय लद्दाख की 23, 219 फीट की ऊंची चोटी माउंट कुन पीक पर चढ़ेंगे

भोपाल के संजय बनर्जी 62 साल की उम्र में 23,219 फीट (7,077 मीटर) की ऊंचाई पर माउंट कुन पीक पर चढ़ने का प्रयास करेंगे, जहां आॅक्सीजन का स्तर 60 प्रतिशत से कम है। उनके अभियान का आयोजन लेह से रेमो अभियान द्वारा किया जा रहा है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सबसे ऊंची चोटी माउंट कुन है। संजय ने अपनी पर्वतारोहण यात्रा उस उम्र में शुरू की जब ज्यादातर लोग शारीरिक गतिविधि से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अप्रैल 2021 में, संजय बनर्जी ने मनाली में अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट आॅफ माउंटेनियरिंग एंड अलाइड स्पोर्ट्स से ए ग्रेड के साथ बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया। संजय ने छह महीने पहले सप्ताह में तीन बार दौड़कर और सप्ताह के शेष समय में व्यायाम करके इस अभियान के लिए प्रशिक्षण शुरू किया था। संजय कहते हैं, मैं हर रविवार सुबह 10 किलोमीटर दौड़ता था और बुधवार और शुक्रवार को 10 किलो का बैग लेकर दौड़ता था। सप्ताह के शेष दिनों में, वह एक पैर पर खड़े बारबेल के साथ व्यायाम करता था। पैरों, बाहों और कंधों के लिए बड़ी संख्या में पुल अप, पुश-अप और विभिन्न प्रकार के व्यायाम व 12 फीट की दीवार से लटकने के साथ-साथ मोटी रस्सी से एक्सरसाइज करने का भी अभ्यास किया। लेह से शुरू होकर माउंट कुन को फतह करने में 19 दिन लगेंगे। माउंट कुन के आधार तक पहुंचने के लिए ग्लेशियर को पार करने जैसे कुछ खतरनाक क्षेत्र हैं।