होटलों में काम करने वाले 75 से 80 प्रतिशत तक लोग हुए बेरोजगार

होटलों में काम करने वाले 75 से 80 प्रतिशत तक लोग हुए बेरोजगार

भोपाल। ‘मैं भोपाल के एक रेस्टोरेंट में काम करता था। लॉकडाउन के दौरान सबकुछ बंद होने पर रेस्टोरेंट मालिक ने कुछ दिन खाने की व्यवस्था की। इसके बाद मैं अपने घर चला गया। अब वापस लौटा तो अब रेस्टोरेंट संचालक ने कहा कि अभी काम नहीं है, दूसरी जगह देख लो।’ यह आपबीती है दमोह के ललित वर्मा की, जो लॉकडाउन के बाद बेरोजगार हो गए। वैसे वे अकेले नहीं हैं बल्कि उनकी तरह रेस्टोरेंटों में काम करने वाले करीब 70 से 80 प्रतिशत लोग लॉकडाउन के बाद से बेरोजगार हो गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ रेस्टोरेंट संचालकों की मानें तो अनलॉक के बाद अब इन दिनों रेस्टोरेंट का बिजनेस 15-20 पर सिमट गया। उन्होंने इसका मुख्य कारण डिनर के समय रेस्टोरेंट नहीं खुलना एवं वीकेंड पर बंद रहना बताया और राहत देने की मांग की है।

20-30 प्रतिशत स्टाफ में ही चल रहा काम

कई संचालक सिर्फ 10 प्रतिशत स्टाफ के साथ ही काम कर रहे हैं, तो कई जगहों पर 20-30 प्रतिशत स्टाफ है। रेस्टोरेंट संचालकों की मानें तो हालात सुधरने पर ही स्टाफ बढ़ाएंगे। वहीं, ऑनलाइन डिलेवरी को लेकर भी सिर्फ 10-15 प्रतिशत लोग ही ऑर्डर कर रहे हैं। जो पिछले कुछ दिनों से कम होती नजर आ रही है।