अस्पताल में आग 8 की मौत

अस्पताल में आग 8 की मौत

जबलपुर। चंडालभाटा दमोह नाका के समीप न्यू लाइफ स्पेशियलिटी अस्पताल में सोमवार की दोपहर 2:35 बजे आग लग गई। आग से 8 लोगों की मौत हुई व13 घायल हैं। मृतकों में मरीज व अस्पताल के कर्मचारी हैं। हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट और इसके बाद आॅक्सीजन सिलेंडर का फटना बताया जा रहा है। हादसे को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। अस्पताल के प्रवेश द्वार पर ही शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसके बाद आॅक्सीजन सिलेंडर फट गया , जिससे आग तेजी से फैल गई। आग ने अस्पताल की तीनों मंजिलों को चपेट में ले लिया, लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। बिल्डिंग को फायर एनओसी नहीं मिली थी।

अग्निशमन यंत्र थे, पर लोग बाहर भागे

अस्पताल में अग्निशमन यंत्र तो लगे दिखे मगर आग ने इतनी जल्दी भयावह रूप लिया कि किसी ने आग बुझाने की कोशिश नहीं की और जान बचाकर बाहर की ओर भागने लगे।

देवलाल की आपबीती देखरेख के लिए आई बेटी की मौत

बरेला उदयपुर निवासी देवलाल बरकड़े ने बताया कि पैर में गंभीर चोट लगने के कारण वह 24 जुलाई को न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती हुए थे। पैर में रॉड लगी है और वह चल नहीं पा रहे हैं। दोपहर में लगभग 2 बजे वह खाना खाकर सो गए, उनकी बेटी संगीता देखभाल के लिए वहीं बैठी थी। कुछ देर बाद अचानक चीख पुकार सुनकर उनकी नींद खुली, तो देखा कि पूरे कमरे में धुंआ भरा हुआ है और कई लोग जमीन पर पड़े थे। वह चाहकर भी बिस्तर से नीचे नहीं उतर पा रहे थे और धुंए में उनका दम घुटने लगा, वहीं बेटी भी बेहोश हो गई। इसके बाद कुछ लोग उन्हें उठाकर कमरे से बाहर लेकर आए और फिर दूसरे अस्पताल में भिजवाया। यहां आकर जब बेटी के बारे में पूछा, तो पता चला कि उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है। देवलाल ने बताया कि ऐसा अग्निकांड उन्होंने कभी नहंीं देखा, मानो दूसरी बार जिंदगी मिली है। वहीं, संगीता की अस्पताल में मौत हो गई (देवलाल को बेटी की मौत की जानकारी नहीं दी है)।

कमिश्नर की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी

राज्य शासन ने जबलपुर कमिश्नर बी. चन्द्रशेखर की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। कमेटी दुर्घटना के कारण, अस्पताल में फायर सेμटी, इलेक्ट्रीकल सेμटी से संबंधित अनुमतियां व व्यवस्थाएं, भवन अनुज्ञा अनुमतियों आदि की जांच कर अपनी रिपोर्ट एक महीने में पेश करेगी। आरटीआई से मिले दस्तावेजों के अनुसार अनफिट बिल्डिंग में अस्पताल चल रहा था। उसमें एंट्री व एग्जिट एक ही गेट से था,मापदंडों को दरकिनार करते हुए अनुमति दी गई थी।

आठ मृतकों की पहचान

वीर सिंह (स्टाफ) (30), स्वाति वर्मा (स्टाफ) (24), महिमा (स्टाफ) (23), दुर्गेश सिंह (42), तन्मय विश्वकर्मा (19), अनुसूइया यादव (55), सोनू यादव (26) व संगीता

मामले की जांच की जा रही है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट और आॅक्सीजन सिलेंडर फटने का पता चला है। स्पष्ट कारण क्या है इसके लिए एक टीम नियुक्त की गई है। इसके अलावा घटना के पीछे जो भी दोषी होंगे उन सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरआरएस परिहार, डीआईजी