लॉकडाउन में85% मजदूरों ने घर जाने का किराया खुद दिया

 15 Jun 2020 03:02 AM  7

मुंबई। कोरोना के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान 85 फीसदी से अधिक प्रवासी मजदूरों ने घर लौटने के लिए खुद अपनी यात्रा टिकट का भुगतान किया है। यह कहना है एक स्वयंसेवी संगठन स्ट्रैंडेड वर्कर्स एक्शन नेटवर्क (स्वान) का। संगठन ने एक सर्वे में इसका खुलासा किया है। इस सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि 28 मई को सुप्रीम कोर्ट का प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की यात्रा के खर्चे को लेकर दिया गया निर्देश बहुत देर में दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को कहा था कि राज्य सरकारें मजदूरों की घर वापसी की यात्रा का खर्च उठाएंगी। टू लीव और नॉट टू लीव: लॉकडाउन, माइग्रेंट वर्कर्स एंड देयर जर्नीज होम नाम की रिपोर्ट जारी की गई। यह सर्वेक्षण मई के आखिरी सप्ताह और जून के पहले सप्ताह में किया गया था। सर्वे में 1,963 प्रवासी मजदूरों को किया गया शामिल स्वान के इस फोन सर्वेक्षण में 1,963 प्रवासी मजदूर शामिल थे। सर्वेक्षण के जरिए पता चला कि 33 फीसदी मजदूर अपने गृह राज्य जाने में सफल हुए जबकि 67 फीसदी प्रवासी मजदूर घर के लिए रवाना नहीं हुए।