90 साल पुरानी परंपरा को दर्शाता सैंज काल का कढ़ाहा

90 साल पुरानी परंपरा को दर्शाता सैंज काल का कढ़ाहा

I AM BHOPAL ।  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में प्रादर्श के रूप में शिमला( हिमाचल प्रदेश) के लोक समुदाय ‘कढ़ाहा’ एक विशाल कढ़ाही है, जिसे स्थानीय लोहारों द्वारा लोहे की पत्तियों से सैंज शासक के संरक्षण में बनाया गया है। सैंज कभी हिमाचल प्रदेश के एक महान सैंज राजा के अधिकार क्षेत्र के तहत एक रियासत थी। यह बर्तन हाथ से बनी भारी और मोटी लोहे की चादरों को एक साथ जोड़ कर एक विशाल कटोरे के आकार में बनाया गया है। राजा के शासन के दौरान यह बर्तन ज्यादा मात्रा में भोजन तैयार करने के लिए उपयोग किया जाता था। महल में काम करने वाले एवं राजा के सेवकों के लिए इसमें भोजन तैयार किया जाता था। यह लोहे का पात्र डिजाइन और आकार दोनों में शानदार शिल्प कौशल के साथ लगभग 90 साल पुरानी परंपरा को दर्शाता है तथा ऐतिहासिक महत्व का है। यह सैंज शासक के शासनकाल में जनता को प्रदान की गई शाही सेवा को दर्शाता ह

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