महाकाल के VIP दर्शन के बाद 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी चीख कर बोला- मैं विकास दुबे हूं ‘कानपुर वाला’

महाकाल के VIP दर्शन के बाद 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी चीख कर बोला- मैं विकास दुबे हूं ‘कानपुर वाला’

उज्जैन । यूपी के 5 लाख के इनामी गैंगस्टर विकास दुबे को गुरुवार सुबह नाटकीय ढंग से उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरμतार कर लिया गया। वहीं लखनऊ पुलिस ने उसकी पत्नी ऋचा दुबे और बेटे को भीगिरफ़्तार कर लिया है। विकास दुबे महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। उत्तरप्रदेश समेत तीन राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और 10 राज्यों की पुलिस अलर्ट पर थी। विकास पर दो जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में डीएसपी सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। विकास के अलावा उज्जैन पहुंचे लखनऊ हाईकोर्ट के दो वकीलों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके अलावा उज्जैन में उसे शरण देने वाले शराब कंपनी के दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। मंदिर सूत्रों के मुताबिक सुबह करीब पौने आठ बजे विकास दुबे जैसा दिखने वाला व्यक्ति 251 रुपए की वीआईपी दर्शन रसीद कटवाकर मंदिर में दर्शन करने पहुंचा। पर्ची पर उसने अपना नाम विकास दुबे ही लिखवाया और मोबाइल नंबर भी दिया। महाकाल मंदिर के गार्ड धर्मेन्द्र, रवि, विजय व एक अन्य को विकास पर पर शंका हुई तो पीछा किया। विकास ने कतार में लगकर भगवान के दर्शन किए और निर्गम द्वार की तरफ आया, तब तक सिक्युरिटी गार्ड उसका पीछा करते रहे और अपने मोबाइल पर पिछले दिनों जारी हुए विकास दुबे के वीडियो देखकर मैच किया।

फर्जी आईडी पर नाम था शुभम 

गार्डों ने बताया कि फोटो वीडियो मैच होने पर उसे निर्गम द्वार पर रोककर पूछताछ की गई। इस दौरान विकास ने अपना नाम शुभम बताया, उम्र 28 वर्ष बताई। गार्ड के अनुसार, आईडी भी दूसरी दिखाई। विकास ने अपने बाल छोटे कराने के साथ ही काले रंग भी लिए थे, बावजूद इसके फोटो मैच हो रहा था। यही कारण रहा कि उसे निर्गम द्वार से वापस मंदिर परिसर की ओर लाया गया। तब तक महाकाल पुलिस चौकी पर सूचना दे दी गई थी। चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक और एक आरक्षक भी निर्गम द्वार की तरफ आ गए। यहां से विकास को महाकाल मंदिर चौकी लाया गया और महाकाल थाने पर सूचना दी कि थाना प्रभारी को चौकी पर भेजो, लेकिन थाना प्रभारी अरविंद तोमर सुबह की गश्त कर घर लौट चुके थे। इस कारण थाने से कोई भी पुलिस अधिकारी चौकी तक नहीं पहुंचा। तब चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक, एक पुलिसकर्मी और सिक्युरिटी गार्ड उसे पकड़कर चौकी से महाकाल थाने की ओर लाए। जब पुलिस उसे बाहर ला रही थी तो वह चिल्लाकर बोला- मैं ही विकास दुबे हूं, कानपुर वाला।

 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया पेश

पूछताछ के बाद विकास दुबे को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जज के सामने पेश किया गया। इससे पहले कोर्ट में वकीलों ने विकास दुबे के खिलाफ नारेबाजी की। इसके चलते कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई। यूपी एसटीएफ को सौंपा:गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ़्तारी के बाद यूपी एसटीएफ टीम चार्टर्ड प्लेन से इंदौर और यहां से सड़क मार्ग से उज्जैन पहुंची। उज्जैन में कोर्ट में पेश करने के बाद विकास को ट्रांजिट रिमांड पर यूपी एसटीएफ को सौंप दिया गया। एसटीएफ की टीम उसे लेकर सड़क मार्ग से यूपी के लिए रवाना हो गई।

 चश्मदीद की जुबानी 

चश्मदीद गोपाल सिंह के मुताबिक, मैं प्रसाद वितरण करने के लिए बैठा था। विकास वहां पर पहुंचा और कहा कि बैग कहां रखूं, जूता स्टैंड पर रख सकता हूं क्या? इस पर मैंने कहा- यहीं पर रख दीजिए। इसके बाद वह मंदिर में अंदर चला गया। सुरक्षाकर्मियों को उस पर शक था, इसलिए वे उस पर नजर रखे हुए थे। उन्हें लग रहा था कि यह विकास दुबे हो सकता है। जब वह दर्शन कर बाहर निकला तो उसे पूछताछ के लिए बैठा लिया गया। इसके बाद चौकी से पुलिस को बुलाया गया। उन्होंने पूछताछ की तो उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद उसे फिर से पकड़कर बैठा लिया।

पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने राग..

इंटेलिजेंस से सूचना मिली थी: नरोत्तम 

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मप्र पुलिस को इंटेलिजेंस से विकास दुबे के उज्जैन आने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर महाकाल थाना पुलिस ने उसकी गिरफ़्तारी की है। इस बारे में ज्यादा बता ना ठीक नही

 मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए: नाथ

 पूर्व सीएम कमल नाथ ने गिरफ़्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो। उन्होंने ट्वीट किया- विकास दुबे के उज्जैन में महाकाल मंदिर में खुद सरेंडर करने की घटना में बड़ी साजिश की बू आ रही है।

 पूछताछ में विकास दुबे का कुबूलनामा..

 पुलिस के लोग मेरे संपर्क में थे।  एनकाउंटर के डर से पुलिस पर की फायरिंग।  सुबूत मिटाने, हम शवों को जलाने के लिए डीजल लाए थे।  पुलिस बल ना आता तो सभी को मारने के बाद जला देता।  मैंने सभी साथियों को अलग-अलग भागने को कहा था।  मैंने अपने साथियों को हथियार के साथ बुलाया था।  मैं महाकाल मंदिर के परिसर में बैठकर बहुत रोया हूं।  मुझे अपने किए पर अफसोस है मुझे मजबूर किया गया था। मुझे गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया।

 एसपी ने नहीं दिया जवाब 

उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। मनोज कुमार सिंह ने दावा किया है कि विकास दुबे की गिरफ़्तारी हुई है उसने सरेंडर नहीं किया है। लेकिन पत्रकार वार्ता के दौरान पूछे गए अन्य सवालों का जवाब देने के बजाय टाला-मटोली कर गए। उन्होंने इस सवाल का जवाब भी नहीं दिया कि रात को होटल में रुकवाने वाले, उज्जैन लाने वाले, मंदिर में उसके साथ आसपास घूमने वाले गिरफ़्तार क्यों नहीं किए गए? इसके अलावा उसके पास से एक चाकू बरामद होने के बावजूद आर्म्स एक्ट में मुकदमा कायम क्यों नहीं किया गया?

गिरफ़्तारी या फिक्स सरेंडर, उठे सवाल? 

अलर्ट के बावजूद आरोपी उज्जैन तक आखिर कैसे पहुंचा? प्रियंका गांधी ने गिरफ़्तारी पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया,‘अलर्ट के बावजूद आरोपी उज्जैन तक कैसे पहुंचा।’

1. सरकार साफ करे आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी? अखिलेश यादव ने कहा कि विकास दुबे मामले में सरकार साफ करे कि यह सरेंडर है या गिरफ़्तारी।

2. गिरफ़्तारी के समय मीडिया को क्यों बुलाया गया? शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के रिश्तेदार ने कहा- कौन सी पुलिस गिरμतारी के लिए मीडिया को लेकर जाती है।

3. क्या विकास दुबे ने खुद ही बताई थी अपनी पहचान? उज्जैन के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विकास दुबे ने खुद ही तेज आवाज में अपनी पहचान बताई थी।

4. सुरक्षा एजेंसियों को क्यों नहीं लगी विकास दुबे की भनक? फरीदाबाद से उज्जैन, 750 किमी के सफर के दौरान इंटेलिजेंस एजेंसियां क्या कर रही थीं। भनक क्यों नहीं लगी।

5. गिरफ़्तारी से पहले विकास दुबे ने मंदिर में फोटो क्लिक कराई? जिसके पीछे कई राज्यों की पुलिस लगी हो वह इतने आराम से कैसे टहल सकता है और फोटो खिंचवा सकता है।

6. सरेंडर करने के लिए मध्यप्रदेश और महाकाल का मंदिर क्यों चुना? विकास दुबे को डर था, उसे एनकाउंटर में मार दिया जाएगा। इसी वजह से उसने सरेंडर के लिए मंदिर को चुना?

7. फरीदाबाद से उज्जैन तक भागने में आखिर किसने की मदद?

8.फरीदाबाद से मप्र तक बिना गिरफ़्तारी के इतने किमी का सफर कैसे और किसकी मदद से कर पाया?

 छलका मां का दर्द, बोलीं जान बख्श दे सरकार

कानपुर। विकास दुबे के पकड़े जाने के बाद उसकी मां ने सरकार से जान बख्श देने की गुहार लगाई है। मां ने बताया कि वह हर साल उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन करता था।

 शराब कंपनी के मैनेजर ने बुलाया था उज्जैन

विकास दुबे की गिरफ़्तारी के मामले में यह जानकारी भी मिली है कि इसके मित्र तथा शराब कंपनी के मैनेजर ने उसे उज्जैन बुलाया था तथा उसकी मदद की थी। गुरुवार दोपहर में पुलिस ने सागर कंपनी के मैनेजर आनंद तिवारी तथा उसके पूरे परिवार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।