मां नर्मदा में गंदे पानी को रोकने सभी एसटीपी प्लांट पूर्णता की ओर: महापौर

मां नर्मदा में गंदे पानी को रोकने सभी एसटीपी प्लांट पूर्णता की ओर: महापौर

जबलपुर। गौरीघाट के संत गिरीशानंद महाराज के साथ महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने मंगलवार को निर्माणाधीन एसटीपी प्लांटों का मुआयना किया। इस अवसर पर उन्होंने खारीघाट और ललपुर स्थित प्लांट का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली जहां अवगत कराया गया कि 6 एसटीपी प्लांट जनवरी तक पूर्ण कर लिए जाएंगे और 1 एसटीपी प्लांट की निविदा जारी करने की प्रक्रिया में है। इस प्रकार संस्कारधानी के नागरिकों को नए साल में नर्मदा शुद्धिकरण की सौगात प्रदान की जाएगी। नर्मदा में मिलने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए स्थापित 5 बड़ी और 2 छोटी एसटीपी प्लांट का कार्य पूर्ण कराया जा रहा है। महापौर ने बताया कि 6 एसटीपी प्लांटों के निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है और 1 निविदा प्रक्रिया में है।

उन्होंने बताया कि शीघ्र ही निर्माण कार्य पूर्ण कराकर मां नर्मदा को शुद्धिकरण करने का संकल्प पूरा किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि जल को शुद्धिकरण की दिशा में नगर निगम सीमांतर्गत नर्मदा में मिलने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए उच्चस्तरीय एसटीपी प्लांट लगाने का कार्य बहुत तेज प्रगति पर है। मां नर्मदा में मिलने वाले गंदे पानी को शुद्ध करने हेतु सकारात्मक प्रयास सफल हुआ है। दिसम्बर से जनवरी तक कार्य को पूर्ण कर लिया जायेगा और जनवरी 2024 के पहले पखवाड़े में मॉं नर्मदा का स्वच्छ और शुद्धिकरण की दिशा में कार्य पूर्ण कराकर घाटों को भी सौन्दयीर्कृत करते हुए नए स्वरूप प्रदान करने संबंधी कार्य कराया जायेगा।

यहां बन रहे एसटीपी

उल्लेखनीय है कि 32 करोड़ रुपए की लागत से ललपुर एवं 17 करोड़ रुपए की लागत से खारीघाट में 1 एमएलडी, ललपुर में 34 एमएलडी, गौरपुल थाने के पास 700 केएलडी, जैन गौ शाला तिलवारा के पास 500 केएलडी, बबहा नाला के पास 1 एलएलडी, सिद्धघाट के ऊपर 100 केएलडी के एसटीपी निर्माण कार्य प्रगति पर है और भटौली कुंड के पास एसटीपी के निर्माण कार्य हेतु निविदा प्रचलन में है। निरीक्षण के समय क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण आलोक कुमार जैन, कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।