भाजपा के पास कई नाम विपक्ष में नहीं बन पा रही एक पर सहमति

भाजपा के पास कई नाम विपक्ष में नहीं बन पा रही एक पर सहमति

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अभी तक सरकार और विपक्ष ने अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। इसबीच भाजपा में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसके लिए हाल ही में भाजपा ने चुनाव को लेकर प्रबंधन समिति की बैठक कर भावी रणनीति पर चर्चा की। हालांकि नाम तो अभी भाजपा की ओर से फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन समिति ने कुछ नामों को शॉर्टलिस्ट कर दिया है। वहीं विपक्ष द्वारा भी लगातार बैठकों का दौर जारी है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दल एक कॉमन कैंडिडेट उतारेगा। बीते दिनों दिल्ली में ममता बनर्जी की अगुवाई में विपक्षी दलों की बैठक हुई थी। इस दौरान विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए शरद पवार, फारूख अब्दुल्ला और गोपालकृष्ण गांधी का नाम सुझाया गया था। हालांकि, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मीटिंग के दौरान ही इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, तो वहीं जम्मू- कश्मीर के पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला ने भी अपना नाम वापस ले लिया है। अब पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी ने भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं के अनुरोध को सोमवार को अस्वीकार कर दिया। विदित है कि अगले महीने की 24 जुलाई को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल पूरा हो रहा है। जबकि चुनाव के लिए 29 जून को शाम 5 बजे तक नामांकन किया जा सकेगा। सूत्रों के अनुसार चुनाव 18 जुलाई और मतगणना 21 जुलाई को हो सकती है। खबर है कि भाजपा की ओर से नामों की लिस्ट फाइनल हो चुकी है।

25 जून तक पीएम मोदी कर सकते हैं फैसला

आम सहमति बनाने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा ने कई विपक्षी नेताओं से बातचीत की थी। पीएम मोदी 26 से 28 जून तक जर्मनी में रहेंगे। वहीं, राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 29 जून है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 25 जून से पहले नाम पर अंतिम फैसला हो जाएगा।

बीजद-वाईएसआर के समर्थन का भरोसा

इस चुनाव में राजग के पास करीब 49 फीसदी मत हैं। इसके अलावा बीजद और वाईएसआर कांग्रेस ने भाजपा को समर्थन का भरोसा दिया है। विपक्ष अब तक सर्वसम्मत उम्मीदवार के नाम पर सहमति नहीं बना पाया है।

ये हो सकते हैं उम्मीदवार

सूत्रों का कहना है कि आनंदी बेन पटेल, डॉ. तमिलसाई सौंदर्यराजन, थावरचंद गहलोत, आचार्य देवव्रत, द्रौपदी मुर्मू, वेंकैया नायडू, निर्मला सीतारमण, आरिफ मोहम्मद, मुख्तार अब्बास नकवी आदि नामों में से भाजपा किसी एक का नाम फाइनल कर सकती है।

इधर पवार ने दिया ओवैसी को न्योता

इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भी मीटिंग में आने का न्योता भेजा है। अभी तक राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुई बैठकों में एआईएमआईएम की उपस्थिति दिखाई नहीं पड़ी थी, लेकिन अब शरद पवार ने खुद ओवैसी को बैठक में आने के लिए न्योता दिया है। इस बार उनसे भी इस मुद्दे पर मंथन किया जाएगा। शरद पवार के इस न्योते का ओवैसी ने खुले दिल से स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने ये भी कहा है कि वे खुद मीटिंग में नहीं आ पाएंगे, लेकिन उनके पार्टी का प्रतिनिधि बैठक का हिस्सा बनेगा।

इधर गोपालकृष्ण बोले- और भी लोग होंगे मुझसे बेहतर

वहीं गोपालकृष्ण गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों के कई नेताओं ने राष्ट्रपति पद के आगामी चुनावों में विपक्ष का उम्मीदवार बनने के लिए उनके नाम पर विचार किया, जो उनके लिए सम्मान की बात है। गांधी ने कहा, विपक्ष का उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए, जो विपक्षी एकता के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर आम सहमति पैदा करे। गांधी ने कहा, मुझे लगता है कि और भी लोग होंगे, जो मुझसे कहीं बेहतर काम करेंगे। इसलिए मैंने नेताओं से अनुरोध किया है कि ऐसे व्यक्ति को अवसर देना चाहिए। भारत को ऐसा राष्ट्रपति मिले, जैसे कि अंतिम गवर्नर जनरल के रूप में राजाजी (सी राजगोपालाचारी) थे और जिस पद की सबसे पहले शोभा डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बढ़ाई।