भाजपा अपना चुनाव चिन्ह कमल तो कांग्रेस बांट रही है ‘बिकाऊ नहीं टिकाऊ’ नारे वाले मास्क

भाजपा अपना चुनाव चिन्ह कमल तो कांग्रेस बांट रही है ‘बिकाऊ नहीं टिकाऊ’ नारे वाले मास्क

भोपाल। कोरोना संकट काल को देखते हुए राजनीतिक आयोजनों पर फिलहाल रोक लगा दी है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस उपचुनाव वाली सीटों पर अपनी- अपनी पार्टी के मास्क के जरिए चुनावी प्रचार कर रही हैं। भाजपा ने उपचुनाव को देखते हुए बहुत पहले से अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल के फूल वाले मास्क वितरित कर रही थे। अब कांग्रेस ने भी उसका देखा- देखी चुनावी नारे लिखे मास्क बांटने का अभियान छेड़ दिया है। मास्क वितरण में भाजपा आगे दिख रही है, जबकि कांग्रेस भी इसमें पिछड़ गई है। उसका अभियान अब शुरू हुआ है। भाजपा और कांगे्रस ने मास्क को अपना चुनावी हथियार बनाया है। हालांकि भाजपा यह मानने से इनकार करती है। उसके प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि भाजपा के लिए मास्क जरूरत की वस्तु है। वह कोरोना की शुरूआत से मास्क वितरण का सेवा कार्य कर रही हैं और आगे भी करती रहेगी। अग्रवाल का कहना है कि मास्क बांटना उनका चुनावी प्रचार का हिस्सा नहीं है,बल्कि सेवा का काम है। उधर, मास्क वितरण अभियान शुरू करने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा का कहना है कि मास्क के जरिए उपचुनाव में कांग्रेस जनता से कहेगी कि वह ऐसे प्रत्याशी चुने जो बिकाऊ नहीं, बल्कि टिकाऊ हो। यदि टिकाऊ होगा तो वह सेवा की भावना से काम करेगा और सरकार भी ठीक चलेगी। उनका कहना है कि उपचुनाव वाली सीटों पर कांग्रेस इसी मुद्दे के साथ जाएगी कि ‘बिकाऊ नहीं टिकाऊ चाहिए, फिर कमल नाथ सरकार चाहिए।’