बेड फुल का बनाया बहाना एक घंटे तक तड़पा प्रोफसर हुई मौत

बेड फुल का बनाया बहाना  एक घंटे तक तड़पा प्रोफसर हुई मौत

ग्वालियर । स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से प्राइवेट हॉस्पिटल मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के जिम्मेदार सीएमएचओ डॉ. वीके गुप्ता इन अस्पतालों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कहीं पर प्रसूता की उपचार के दो दिन बात मौत हो रही है तो कहीं पर बुखार के मरीज का सांप काटे का उपचार, सांठगांठ के चलते जिम्मेदार को यह नजर नहीं आ रहा है। मंगवार को भी एक निजी अस्पताल की लापरवाही की वजह से एमआईटीएस के एक प्रोफेसर अस्पताल के बाहर दो घंटे तक तड़पते रहे, लेकिन उपचार नहीं मिलने के कारण इनकी हालत बिगड़ी और इनकी मौत हो गई। कृष्णपुरी मुरार निवासी 58 प्रोफेसर विमल गर्ग मंगलवार को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। 108 एम्बुलेंस की मदद से राहगीरों ने उन्हें शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया। जब प्रोफेसर विमल के बेटे ऋषि गर्ग को जानकारी लगी कि उसके पिता का एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें गंभीर चोट आईं हैं। जब वह अपने पिता को देखने शासकीय हॉस्पिटल में पहुंचा तो वहां उसे व्यवस्था ठीक नहीं दिखाई दी। इस पर वह फूलबाग स्थित अपोलो हॉस्पिटल पहुंचा और वहां मौजूद चिकित्सकों को पूरी घटना की जानकारी दी। इस पर चिकित्सकों फीस जमा कराकर मरीज को भर्ती करने पर तैयार हो गए। जैसा कि मृतक प्रो.विमल जैन के बेटे ऋषि गर्ग ने बताया कि वह अपने पिता को टैक्सी से अपोलो हॉस्पिटल लेकर पहुंचा तो वहां करीब दो घंटे तक हॉस्पिटल के बाहर खड़े रहे, डॉक्टर देखने नहीं आए। जब हालत बिगड़ने लगी तो बेटे ने डॉक्टरों से मिन्नत की उसके बाद चिकित्सक देखने पहुंचे। मरीज की हालत देख डॉक्टरों ने ऑक्सीजन  सपोर्ट के साथ मरीज को जयारोग्य अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। फूलबाग पहुंचते ही प्रो.गर्ग को उल्टियां शुरू हो गईं और कुछ देर बाद ही प्रो.दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन मृतक प्रो. विमल का शव लेकर अपोलो हॉस्पिटल पहुंचे। वहां उन्होंने हॉस्पिटल प्रबंधन पर कार्रवाई को लेकर हंगामा प्रदर्शन किया। पुलिस और वहां मौजूद लोगों की काफी समझाइश के बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए ।